ACB की बड़ी कार्रवाई: नामकुम अंचल की दाखिल-खारिज फाइल गायब करने के आरोप में पूर्व अंचल निरीक्षक और लिपिक गिरफ्तार…
राँची।नामकुम अंचल कार्यालय से दाखिल-खारिज वाद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान साक्ष्य मिलने के बाद एसीबी ने मामले में नामजद तत्कालीन अंचल निरीक्षक मनोज कुमार दीक्षित और तत्कालीन लिपिक दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ्तारी आज मंगलवार (22 सितंबर) को की गई। वहीं, मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी डॉ. श्वेता वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद सामने आया मामला
यह पूरा मामला झारखण्ड हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में सामने आया। नामकुम अंचल कार्यालय से संबंधित दाखिल-खारिज वाद संख्या 356R-27/2013-14 के संपूर्ण दस्तावेज गायब किए जाने को लेकर एसीबी राँची थाना में कांड संख्या 18/2026, दिनांक 26 अगस्त 2026 दर्ज किया गया। ACB की ओर से दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन अंचलाधिकारी डॉ. श्वेता वर्मा, तत्कालीन अंचल निरीक्षक मनोज कुमार, तत्कालीन लिपिक दीपक कुमार समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
जांच आगे बढ़ी तो दो आरोपियों तक पहुंची ACB
मामला दर्ज होने के बाद ACB ने दस्तावेजों के गायब होने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को मनोज कुमार दीक्षित और दीपक कुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात सामने आई।इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों में मनोज कुमार दीक्षित, उम्र करीब 65 वर्ष, पिता स्व. महेश प्रसाद दीक्षित तथा दीपक कुमार, उम्र करीब 51 वर्ष, पिता स्व. दिनेश प्रसाद शामिल हैं।
दस्तावेज गायब करने के आरोप की चल रही जांच
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि नामकुम अंचल कार्यालय से दाखिल-खारिज वाद से जुड़े संपूर्ण दस्तावेज किस परिस्थिति में गायब हुए, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और दस्तावेजों को गायब करने के पीछे क्या उद्देश्य था।मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ACB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नामकुम अंचल कार्यालय से जुड़े इस मामले में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

