छात्रों का विधानसभा घेराव मामला:10 अगस्त को छात्रों पर लाठीचार्ज, 11 अगस्त को ‘अज्ञात’ उपद्रवियों पर FIR; फुटेज से नाम खंगालने में जुटी पुलिस

​राँची।झारखण्ड में परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर 10 अगस्त को हुआ छात्रों का विधानसभा घेराव आंदोलन रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था। हजारों की संख्या में पहुंचे आक्रोशित छात्रों और पुलिस बल के बीच हुई तीखी झड़प,बैरिकेडिंग तोड़ने और पथराव के बाद पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ-साथ लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस भीषण बवाल के एक दिन बाद, यानी 11 अगस्त 2026 को विधानसभा थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

हजारों की भीड़, बैरिकेड्स ध्वस्त और हिंसक झड़प

एफआईआर के अनुसार,10 अगस्त को हजारों की तादाद में छात्र और युवा सड़कों पर उतरे थे। निलाद्री भवन से लेकर नए विधानसभा के गेट नंबर-1 तक उपद्रवियों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए कई बैरिकेड्स और ड्रॉप गेट्स को उखाड़ फेंका। इलाके में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 लागू होने के बावजूद भीड़ बेकाबू होकर आगे बढ़ती रही। प्रदर्शनकारियों की ओर से हुए भीषण पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसमें एक सिपाही का सिर फटने से गंभीर चोट आई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और उपद्रवियों को खदेड़ा।

अज्ञात पर मामला दर्ज, लेकिन नामजद कोई नहीं

घटना के अगले दिन, 11 अगस्त को नगड़ी अंचल के राजस्व उप-निरीक्षक सह प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट मो० नेशात अहमद के लिखित आवेदन पर विधानसभा थाना में प्राथमिकी (Case No-61/26) दर्ज की गई। हालांकि, पुलिस ने इस प्राथमिकी में फिलहाल किसी भी छात्र या व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया है। पूरी एफआईआर ‘अज्ञात उपद्रवियों’ के खिलाफ दर्ज की गई है।

वीडियो और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और मीडिया फुटेज के जरिए उपद्रव की पूरी रिकॉर्डिंग की गई थी।पुलिस की विशेष टीम वीडियो फुटेज और तस्वीरों के आधार पर हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले चेहरों का बारीकी से सत्यापन  कर रही है।पहचान प्रक्रिया पूरी होते ही उपद्रवियों के नाम एफआईआर में जोड़े जाएंगे और उनके खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

संगीन धाराओं में जांच शुरू

उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (B.N.S) की धारा 109, 115(2), 117(2), 121, 132, 189, 190, 191(2), 221, 223, 285 और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आधिकारिक जांच सब-इंस्पेक्टर (S.I.) आनंद पंडित को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन तफ्तीश शुरू है।जांच के बाद उपद्रवियों की धरपकड़ की आगे की कार्रवाई हो सकती है।

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