जहानाबाद में स्मैक तस्करों का खूनी खेल.. तस्कर को पकड़कर लौटे टाइगर मोबाइल जवान को बदमाशों ने घेरा, बेरहमी से हत्या कर नदी में फेंका शव,पांच हिरासत में…

 

जहानाबाद।बिहार के जहानाबाद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करना एक पुलिस जवान को भारी पड़ गया। स्मैक तस्करी के मामले में एक तस्कर को पकड़कर थाने भेजने के बाद टाइगर मोबाइल के जवान धनेश्वर कुमार खुद अपराधियों के निशाने पर आ गए। आरोप है कि नशे के कारोबार से जुड़े बदमाशों ने उन्हें घेरकर बेरहमी से मार डाला और पहचान छिपाने के इरादे से शव को दरधा नदी में फेंक दिया। शनिवार की सुबह जवान का शव काको थाना क्षेत्र के नदियांवा गांव के समीप नदी से बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

मृतक धनेश्वर कुमार जहानाबाद नगर थाना में टाइगर मोबाइल जवान के रूप में पदस्थापित थे और मूल रूप से भोजपुर (आरा) जिले के रहने वाले थे। घटना को लेकर जहानाबाद के एसपी कोटा किरण कुमार ने जो खुलासा किया है, उससे नशे के अवैध कारोबार और अपराधियों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

एसपी के मुताबिक, दो दिन पहले जवान धनेश्वर कुमार एसएस कॉलेज के समीप ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बेलागंज इलाके से एक तस्कर जहानाबाद में स्मैक बेचने पहुंचा था। टाइगर मोबाइल की टीम ने कार्रवाई करते हुए स्मैक के अवैध कारोबार को पकड़ लिया और तस्कर को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद जवान मामले का सत्यापन करने और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने के लिए कुछ समय तक इलाके में ही रुके थे।

तस्कर की गिरफ्तारी के बाद जवान को बनाया निशाना!

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि स्मैक के अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों ने जवान को योजनाबद्ध तरीके से घेर लिया। उनके साथ मारपीट की गई और फिर हत्या कर शव को दरधा नदी में फेंक दिया गया। हालांकि, हत्या की पूरी परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का अंतिम खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

नदी में मिला शव, हथियार और मोबाइल भी बरामद

शनिवार सुबह जवान का शव बरामद होने के बाद पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने जवान का हथियार और मोबाइल भी बरामद कर लिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव और एसपी कोटा किरण कुमार समेत कई वरीय पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच में जुटी टीमों से जानकारी ली।

पांच संदिग्ध गिरफ्तार, स्मैक नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें स्मैक और सूखे नशे के अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

एसपी ने साफ कहा है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस धंधे से जुड़े लोगों का डेटाबेस तैयार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह, अपराधियों की भूमिका और स्मैक तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक पुलिस जवान की हत्या के पीछे कौन-कौन चेहरे शामिल हैं और इस नशे के कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है।

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