हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में प्रसूता की मौत पर संग्राम, परिजनों का आरोप- मोबाइल में व्यस्त रहे स्वास्थ्यकर्मी, इलाज के लिए तड़पती रही महिला

 

 

हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का दावा है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी उसे देखने के बजाय मोबाइल चलाने में व्यस्त रहे। समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर से लेकर जिला मोड़ तक आक्रोश देखने को मिला।मृतका की पहचान संगीता कुमारी, पति रंजन कुमार दास, निवासी निमाडीह, हेड़ेगाढ़ा, चरही के रूप में हुई है। उसका मायका हजारीबाग के लाखे में है।

परिजनों के मुताबिक, संगीता पांच नवंबर को प्रसव के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सकों ने उसे भर्ती कर लिया था। छह नवंबर को दोपहर में उसका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद उसने एक बच्चे को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद महिला को अस्पताल में ही निगरानी के लिए रखा गया था।परिजनों का आरोप है कि देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस दौरान उसे इंजेक्शन और दवाइयां दी गईं, लेकिन इसके बाद उसकी हालत में सुधार होने के बजाय स्थिति और गंभीर होती चली गई।

परिजनों का आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को कई बार संगीता की बिगड़ती हालत की जानकारी दी। उससे देखने और तत्काल इलाज करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों का दावा है कि स्वास्थ्यकर्मी मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहे और महिला की सुध लेने समय पर कोई नहीं पहुंचा। आखिरकार इलाज के अभाव और कथित लापरवाही के बीच संगीता की मौत हो गई।

महिला की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में परिजनों और मायके पक्ष के लोगों की भीड़ जुट गई। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सदर विधायक एवं कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने जिला मोड़ के समीप सड़क जाम कर दिया। इससे कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा।

 

हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ आशुतोष कुमार और सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाया और मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजनों ने सड़क जाम हटाया। इसके बाद वे संगीता के शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने घर ले गए।इस घटना ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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