धनबाद रिंग रोड घोटाले में 85 साल के बुजुर्ग की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, फर्जी कागजात पर 6.32 करोड़ का मुआवजा डकारने का आरोप
धनबाद।झारखण्ड के धनबाद में बहुचर्चित रिंग रोड भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले की जांच में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। करोड़ों रुपये के सरकारी मुआवजा फर्जीवाड़े में अब 85 वर्षीय बुजुर्ग नरसिंह दास को गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी खजाने से 6 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा हासिल करने का आरोप है। इस मामले में जनवरी 2026 में 17 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब एक और गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।
1970 की रजिस्ट्री में कागजी खेल कर हासिल किए 6.32 करोड़
निगरानी थाना कांड संख्या 32/16 में गिरफ्तार नरसिंह दास मूल रूप से बिहार के अरवल जिले के परशुरामपुर गांव का रहने वाला है। निगरानी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकारी मुआवजे की बड़ी रकम हासिल की।
मामला धनबाद मौजा संख्या 51, खाता संख्या 121 और प्लॉट संख्या 1630 से जुड़ा है। आरोप है कि 21 अक्टूबर 1970 की एक पुरानी रजिस्ट्री को आधार बनाकर 6,32,13,585.99 रुपये का मुआवजा प्राप्त किया गया।
बांग्ला में थी असली रजिस्ट्री, अंग्रेजी में तैयार हुए फर्जी दस्तावेज
इस पूरे मामले में दस्तावेजों की कूटरचना का एक चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया है। जिला अवर निबंधक कार्यालय से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित जमीन की मूल रजिस्ट्री हराधन महतो एवं अन्य के नाम पर बांग्ला लिपि में दर्ज थी। जबकि आरोप है कि नरसिंह दास ने इसी दस्तावेज को अंग्रेजी में कूटरचित तरीके से तैयार करवाया और उसके आधार पर करोड़ों रुपये का सरकारी मुआवजा प्राप्त कर लिया।निगरानी की जांच में इस कथित फर्जीवाड़े को सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाला मामला बताया गया है।
17 के बाद अब 18वीं गिरफ्तारी
रिंग रोड मुआवजा घोटाले में जनवरी 2026 में निगरानी ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, तत्कालीन अंचल अधिकारी विशाल कुमार, कानूनगो मिथिलेश कुमार सहित भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारी, अमीन और कथित बिचौलिये शामिल थे।अब 85 वर्षीय नरसिंह दास की गिरफ्तारी ने इस पुराने घोटाले को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
निगरानी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नरसिंह दास को 5 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
धनबाद रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण के नाम पर सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये के कथित फर्जी मुआवजा भुगतान का यह मामला लंबे समय से जांच के घेरे में है। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और दस्तावेजों को लेकर जांच में आगे क्या खुलासे होते हैं।

