एक्सीडेंट के बाद पीछा, इनोवा से निकले 30 लाख कैश; पटना में हवाला नेटवर्क का बड़ा खुलासा, गुजरात के तीन लोग हिरासत में..

 

पटना। एक सड़क हादसा और उसके बाद संदिग्ध इनोवा क्रिस्टा का पीछा… पुलिस को जब गाड़ी की तलाशी में करीब 30 लाख रुपये नकद मिले तो पूरा मामला अचानक गंभीर हो गया। पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने हवाला कारोबार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। पुलिस और आयकर विभाग की संयुक्त टीम मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

मामला बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के अरण्य बलभद्र अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 तक पहुंचा है। मिली जानकारी के अनुसार, कार की टक्कर के बाद पुलिस की नजर संदिग्ध इनोवा क्रिस्टा पर पड़ी। पुलिस ने वाहन का पीछा कर उसे रोका और तलाशी ली। इसी दौरान करीब 30 लाख रुपये नकद बरामद हुए। नकदी का स्रोत और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जांच की जा रही है।

गुजरात से कैश लेकर निकले थे, कोलकाता में होनी थी डिलीवरी!

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि तीनों लोग गुजरात से इनोवा क्रिस्टा में कैश लेकर निकले थे। कथित तौर पर रकम की डिलीवरी कोलकाता में होनी थी और इसी क्रम में वे पटना पहुंचे थे। हालांकि, रकम के वास्तविक मालिक, रिसीवर और पूरे लेनदेन की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

तीन गुजरात निवासी हिरासत में
मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इनकी पहचान संजय कुमार, दिग्विजय ठाकुर और पटेल कारण कुमार सिंधाभाई के रूप में बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार तीनों गुजरात के रहने वाले हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद रकम कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

3,000 करोड़ के नेटवर्क की चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

मामले में करीब 3,000 करोड़ के कथित हवाला नेटवर्क से कनेक्शन की बात सामने आ रही है। हालांकि,इस आंकड़े की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे जांच में सामने आए दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। पुलिस और आयकर विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद 30 लाख रुपये किसी बड़े वित्तीय नेटवर्क का हिस्सा हैं या नहीं।

कई ठिकानों पर जांच, दस्तावेज भी खंगाल रही एजेंसियां
मामले से जुड़े पटना के अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच और कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। एजेंसियां नकदी से जुड़े दस्तावेज, संभावित लेनदेन और अन्य कड़ियों को खंगाल रही हैं। जांच का फोकस रकम के स्रोत, संभावित रिसीवर और कैश डिलीवरी के नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इनोवा में मिले 30 लाख रुपये आखिर किसके थे और पटना से होकर यह रकम किस मंजिल तक पहुंचने वाली थी? पुलिस और आयकर विभाग की जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना पर नजर बनी हुई है।

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