निखार सबलोक हत्याकांड में न्यूज चैनल के दफ्तर तक पहुंची पुलिस, सोनारी में घंटों खंगाले दस्तावेज और सामान
जमशेदपुर। कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच अब सोनारी स्थित एक न्यूज चैनल के कार्यालय तक पहुंच गई है। सोमवार को चांडिल और बिष्टुपुर थाना की संयुक्त पुलिस टीम ने सोनारी इलाके में स्थित न्यूज चैनल के कार्यालय में पहुंचकर घंटों जांच-पड़ताल की। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में चर्चा तेज हो गयी। बताया जा रहा है कि कार्यालय का कनेक्शन हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अशोक सिंह राघव से जुड़ने के बाद पुलिस ने यहां जांच की है।
पुलिस टीम ने कार्यालय के अंदर मौजूद दस्तावेजों, सामान और अन्य संभावित साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि निखार सबलोक हत्याकांड से जुड़े किसी आरोपी की इस कार्यालय से आवाजाही, संपर्क अथवा किसी तरह की गतिविधि तो नहीं रही है। हालांकि, छापेमारी या जांच के दौरान पुलिस को क्या-क्या मिला, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आयी है।
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में अशोक सिंह राघव की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस लगातार उसके संपर्कों और नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पुलिस जांच में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य सुरागों के आधार पर हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, निखार की तस्वीर शूटरों तक पहुंचाने और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े डिजिटल सुराग भी जांच का हिस्सा रहे हैं।
पुलिस ने इस मामले में अशोक सिंह राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में राघव के अलावा सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, उत्तर प्रदेश के राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल कार बरामद करने की जानकारी दी थी।
निखार सबलोक की 24 अगस्त 2026 को चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए जमशेदपुर के टीएमएच ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गयी।पुलिस जांच में हत्या के पीछे जमीन विवाद और आपराधिक गिरोहों से जुड़ी पुरानी रंजिश का एंगल सामने आया था। पुलिस ने दावा किया था कि हत्या के लिए सुपारी दी गयी थी और उत्तर प्रदेश से शूटरों को बुलाया गया था।
हत्याकांड के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों के संपर्क, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, व्हाट्सऐप चैट और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। हाल के दिनों में जांच का दायरा जमशेदपुर से बाहर कोलकाता तक भी पहुंचा है। पुलिस ने वहां भी आरोपियों के संपर्क और गतिविधियों से जुड़ी कड़ियों की जांच की है।
अब सोनारी के न्यूज चैनल कार्यालय में हुई पुलिस की घंटों लंबी जांच को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कार्यालय से पुलिस को क्या महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं या आगे इस मामले में किसकी भूमिका सामने आती है, इसका खुलासा पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।

