JSSC-CGL से JPSC तक जांच तेज, अभय तिवारी 2 दिन CID रिमांड पर; धर्मेंद्र समेत TDPL के दो कर्मी 3 दिन कस्टडी में
राँची।झारखण्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। आयोग की परीक्षाओं में सेंधमारी करने वाले संगठित सिंडिकेट के सरगना और परीक्षा संचालन एजेंसी से जुड़े अहम कड़ियों पर शिकंजा कसते हुए सीआईडी ने चार प्रमुख आरोपियों को अलग-अलग मामलों में रिमांड पर ले लिया है। जेएसएससी-सीजीएल गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी को दो दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि झारखण्ड लोक सेवा आयोग परीक्षा धांधली मामले में आयोग के पूर्व चेयरमैन के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र तथा परीक्षा संचालन एजेंसी मेसर्स टीडीपीएल के दो कर्मियों—प्रदीप कुमार सिंह और संजय को तीन-तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया है।गोड्डा के पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (बीएसओ) के पद पर तैनात रहते हुए परीक्षा सिंडिकेट चलाने वाले अभय कुमार तिवारी से गुरुवार को सीआईडी मुख्यालय में जांच अधिकारियों ने घंटों लंबी पूछताछ की।शुक्रवार को भी उससे लगातार पूछताछ जारी रहेगी।जांच एजेंसी उससे सीजीएल परीक्षा में सेटिंग के नेटवर्क, बिचौलियों, पैसों के लेन-देन और सफल अभ्यर्थियों के साथ बनाए गए संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
