सीबीआई का खौफ दिखाकर 1.20 करोड़ की ठगी, 5 हजार खातों में दौड़ी रकम, दुर्गापुर से अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
साहिबगंज। वाट्सएप कॉल, फर्जी सीबीआई अधिकारी और गिरफ्तारी का डर… साइबर अपराधियों ने बरहड़वा निवासी गौतम दास को इसी जाल में फंसाकर करीब 1.20 करोड़ रुपये ठग लिये। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जब पैसों की बैंकिंग कड़ी खंगाली तो जांच टीम के भी होश उड़ गये। ठगी की रकम का लेनदेन करीब 5,000 बैंक खातों तक पहुंचता मिला। इससे पुलिस को बड़े अंतरराज्यीय साइबर नेटवर्क के सक्रिय होने का संदेह है।
पीड़ित को साइबर अपराधियों ने वाट्सएप कॉल कर खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। इसके बाद अश्लील वीडियो और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा गया। गिरफ्तारी से बचने का भय दिखाते हुए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करायी गयी। धीरे-धीरे यह रकम करीब 1.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी।
एसपी ने सौंपी जांच, खुलने लगी साइबर गिरोह की परतें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने जांच की जिम्मेदारी हेडक्वार्टर डीएसपी रविकांत साव को सौंपी। डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित कर बैंक खातों के स्टेटमेंट, लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की गयी।जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सीधे एक खाते में नहीं रुकी। अपराधियों ने रकम को लगातार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया। इसी बैंकिंग ट्रेल को खंगालते हुए पुलिस करीब 5,000 खातों की कड़ी तक पहुंची।
बैंकिंग ट्रेल ने पहुंचाया दुर्गापुर तक
तकनीकी शाखा से मिले इनपुट और बैंक खातों की जांच के आधार पर पुलिस को गिरोह के पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर क्षेत्र में सक्रिय होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने दुर्गापुर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अंतरराज्यीय संगठित साइबर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम वर्द्धमान जिले के दुर्गापुर निवासी रंजीत बास्की (28), आईटीआई गोसाई टोला, थाना एनटीपीसी विधाननगर निवासी आसित महतो और हुरको दुर्गापुर विधाननगर निवासी धीरज हारी के रूप में हुई है।पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों, इस्तेमाल किये गये बैंक खातों और ठगी की रकम के आगे के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
31 अगस्त को दर्ज हुआ था मामला
हेडक्वार्टर डीएसपी रविकांत साव ने बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय के सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त 2026 को बरहड़वा थाना कांड संख्या 218/26 दर्ज किया गया था।मामले में BNS की धारा 316(2), 319(2), 318(4), 351(2) एवं 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
5 हजार खातों की कड़ी बनी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
साइबर ठगी की रकम करीब पांच हजार बैंक खातों से होकर गुजरने की जानकारी सामने आने के बाद जांच का दायरा काफी बड़ा हो गया है। पुलिस अब एक-एक खाते से जुड़े लेनदेन की पड़ताल कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बैंकिंग ट्रेल की जांच से पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
छापेमारी टीम में ये रहे शामिल
कार्रवाई में बरहड़वा अंचल के पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार, बरहड़वा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार, रांगा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सत्यवान कुंभकार समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

