जवानों की आवाज सीधे कप्तान तक, एसपी ने सुनी समस्याएं; बोले- पुलिसकर्मियों की परेशानी लंबित रही तो जिम्मेदारी तय होगी
लातेहार। पुलिस महकमे में बेहतर पुलिसिंग के साथ जवानों की सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को पुलिस केंद्र लातेहार में एसपी कुमार गौरव की अध्यक्षता में पुलिस सभा का आयोजन किया गया। सभा में जिलेभर से पहुंचे पुलिसकर्मियों को अपनी समस्याएं सीधे पुलिस अधीक्षक के सामने रखने का मौका मिला।

पुलिस सभा में जिला पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन के सदस्य, सभी थाना प्रभारी व उनके प्रतिनिधि, विभिन्न पुलिस पिकेटों के जवान, पुलिस केंद्र की अलग-अलग शाखाओं में तैनात कर्मी तथा IRB-04 के अधिकारी और जवान शामिल हुए।
बिना झिझक जवानों ने बताई अपनी परेशानी
सभा का माहौल अनुशासित होने के साथ-साथ संवादपूर्ण रहा। जवानों ने खुलकर अपनी व्यक्तिगत और विभागीय समस्याएं एसपी के सामने रखीं। इस दौरान मुख्य रूप से पुलिस आवास, मेस व्यवस्था, वर्दी, मेडिकल सुविधा, ड्यूटी आवर और स्थानांतरण से जुड़ी समस्याएं सामने आयीं।
जवानों की बात सुनने के बाद एसपी कुमार गौरव ने संबंधित पदाधिकारियों से समस्याओं की जानकारी ली और उनके समाधान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसपी का दो टूक संदेश- जवानों का कल्याण जरूरी
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग के लिए जवानों का संतुष्ट और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। जवानों की समस्याओं का नियमानुसार और त्वरित समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी समस्या को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और शिकायतों के समाधान की दिशा में गंभीरता से काम किया जाए।एसपी ने इस दौरान पुलिसकर्मियों को भरोसा दिलाया कि उनकी जायज समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा।
IRB-04 के जवानों की समस्याओं पर भी विशेष फोकस
पुलिस अधीक्षक सह समादेष्टा IRB-04 लातेहार ने IRB-04 के अधिकारियों और जवानों की सामूहिक समस्याओं को भी क्रमवार सुना। इस दौरान बैरक, प्रशिक्षण व्यवस्था और जरूरी संसाधनों से जुड़ी समस्याएं सामने रखी गयीं।
एसपी ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस सभा के जरिए अधिकारियों और जवानों के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस सभा को लेकर जवानों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सीधी संवाद व्यवस्था से जवानों की समस्याओं का समय पर समाधान होने के साथ-साथ पुलिसिंग की कार्यक्षमता भी बेहतर होगी।

