झारखण्ड पुलिस में बड़ा फैसला: साइबर अपराध अनुसंधान के लिए एसआई को मिली ‘प्रोफॉर्मा प्रोन्नति’, बनेंगे इंस्पेक्टर स्तर के जांच अधिकारी
राँची।झारखण्ड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षकों (एसआई) को साइबर अपराध के मामलों की जांच के लिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत दर्जनों सब-इंस्पेक्टरों को पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) की कोटि में ‘प्रोफॉर्मा प्रोन्नति’ (Proforma Promotion) प्रदान की गई है। इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (अभियान), झारखण्ड द्वारा राज्य के सभी वरीय पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
आईटी एक्ट के नियमों का पालन और त्वरित अनुसंधान प्राथमिक लक्ष्य
राज्य में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध और आईटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों के निष्पादन को गति देने के लिए यह निर्णय लिया गया है। आईटी एक्ट के कानूनी प्रावधानों के अनुसार, साइबर मामलों में अनुसंधानकर्ता (Investigating Officer) का कम से कम पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर का अधिकारी होना अनिवार्य है। जिलों में साइबर थानों और जिला बल के पास इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की उपलब्धता और केस लोड को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षकों द्वारा सब-इंस्पेक्टरों को प्रोन्नति देने का अनुरोध किया गया था। इसी अनुशंसा के आलोक में पुलिस मुख्यालय ने विशेष परिस्थिति के तहत अधिकारियों को यह कार्यकारी अधिकार दिया है।
देंखे लिस्ट:Proforma Promotion Kagaji Pronatti
वित्तीय लाभ और नियमित प्रोन्नति से अलग होगी यह व्यवस्था
पुलिस मुख्यालय ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल और केवल आईटी एक्ट एवं साइबर अपराध में दर्ज कांडों के अनुसंधान के उद्देश्य से विशेष परिस्थिति में जारी किया गया है। इसे किसी भी रूप में नियमित पदोन्नति आदेश नहीं माना जाएगा। इसके अलावा, इस प्रोफॉर्मा प्रोन्नति के आधार पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को अग्रतर पद का कोई भी आर्थिक या अन्य वित्तीय लाभ देय नहीं होगा।
इन जिलों के अधिकारियों को मिला दायित्व
मुख्यालय स्तर से जारी सूची में राज्य के लगभग सभी जिलों को शामिल किया गया है। इनमें हजारीबाग, दुमका, लोहरदगा, धनबाद, चाईबासा, लातेहार, गोड्डा, चतरा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, कोडरमा, जमशेदपुर, गिरिडीह, गढ़वा, पलामू, गुमला, रामगढ़, पाकुड़, खूंटी और जामताड़ा शामिल हैं। इन जिलों से अनुशंसित पुलिस अवर निरीक्षकों को अब अपने-अपने कार्यक्षेत्र में दर्ज साइबर मामलों में अनुसंधान का अधिकार प्राप्त हो गया है।

