खाकी की हनक में हैवानियत: बोकारो सीसीआर डीएसपी ने एलएलएम पास पत्नी का दबाया गला, बेहोश होने तक पीटा, ननद की शादी के लिए मांगे 25 लाख रुपए-

– ‘जेल जाने और वसूली का पुराना तजुर्बा है, मार कर फिर से दहेज लेंगे…’ बोलकर पीटा, स्कॉर्पियो, 22 लाख के जेवर और 10 लाख कैश लेकर भी नहीं भरी हवस, एफआईआर दर्ज…

राँची। वर्दी की आड़ में घरेलू हिंसा, ब्लैकमेलिंग और दहेज की अंतहीन लालच का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है।बोकारो सीसीआर में पदस्थापित डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) रामप्रवेश कुमार के खिलाफ उनकी पत्नी मनीषा राय ने राँची के सदर थाने में दहेज उत्पीड़न, जानलेवा हमला और प्रताड़ना की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता, जो खुद लॉ ग्रेजुएट है, ने डीएसपी पति समेत सास, ससुर और दो मामाओं पर शारीरिक-मानसिक अत्याचार और जान से मारने की कोशिश का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

गला दबाकर बोला- मारकर फिर दहेज लूंगा, हमें जेल जाने का अनुभव है’

एफआईआर में दर्ज बयान के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 की रात डीएसपी रामप्रवेश कुमार ने अपनी छोटी बहन की शादी के लिए पत्नी से मायके से 20 से 25 लाख रुपए लाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर वर्दीधारी पति ने कानून और इंसानियत की सारी सीमाएं लांघ दीं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि डीएसपी ने उसे सीधे बेड पर पटका और गला घोंटते हुए चिल्लाया-“आज तुझे जान से मार दूंगा और फिर शादी करके भारी दहेज लूंगा… हमें जेल जाने और वसूली करने का पूरा अनुभव है!” इसके बाद चेहरे, छाती, हाथ और पीठ पर मुक्कों व कोहनियों से तब तक बेरहमी से मारा गया जब तक वह लहूलुहान होकर बेहोश नहीं हो गई। होश में लाने के लिए चेहरे पर पानी डाला और फिर कमरे में बंद कर फोन छीन लिया।

शादी से पहले ही लूटे लाखों: 20 लाख की स्कॉर्पियो, 22 लाख के जेवर और 10 लाख कैश

पीड़िता के अनुसार, 11 मार्च 2026 को शादी से पहले ही लड़के पक्ष ने भारी भरकम दहेज ऐंठना शुरू कर दिया था। पहले 12 लाख की स्कोडा काईलैक मांगी, फिर शादी टालने का दबाव बनाकर 20 लाख रुपए का लोन कराकर ‘स्कॉर्पियो एन’ गाड़ी ली। इसके अलावा करीब 22 लाख रुपए के जेवरात और ससुर अरविंद कुमार के खाते में 10 लाख रुपए नगद ट्रांसफर कराए गए। इसके बावजूद विदाई के अगले ही दिन से डीएसपी और उसके परिवार ने पैसों की नई मांग शुरू कर दी।

हनीमून से लेकर परीक्षा तक पीछा नहीं छोड़ा, कमरे में छिपकर बैठा था मामा ससुर

पीड़िता ने ससुराल पक्ष पर कई अशोभनीय और गंभीर आरोप लगाए हैं। शादी के ठीक बाद जब वह कमरे में पहुंची, तो छोटा मामा रवि कुमार कमरे में छिपा मिला और आपत्तिजनक बातें करने लगा। पति से शिकायत की तो उसने डांटकर चुप करा दिया। हनीमून पर जाने के दौरान भी मामा जनार्दन प्रसाद यादव और रवि कुमार फोन कर मानसिक टॉर्चर करते रहे। जब वह एलएलएम की परीक्षा देकर लौटी, तब भी उसके साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई।

बोकारो क्वार्टर बना ‘यातना गृह’, जान बचाकर राँची भागी पीड़िता

बोकारो स्थित डीएसपी के सरकारी क्वार्टर (सेक्टर I/सी) में पीड़िता को सास उर्मिला देवी और पति ने मिलकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। 21 अगस्त की रात हुई बर्बर पिटाई के बाद अगले दिन डीएसपी ने अपनी निगरानी में डॉक्टर से इलाज कराया और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी देकर मुंह बंद रखने को कहा। मौका पाकर पीड़िता किसी तरह मायके दीपाटोली (राँची ) पहुंची और सदर थाने में आपबीती सुनाई।

बीएनएस की संगीन धाराओं में डीएसपी समेत ससुराल वालों पर केस

राँची सदर थाने में डीएसपी रामप्रवेश कुमार, सास उर्मिला देवी, ससुर अरविंद कुमार, मामा जनार्दन प्रसाद यादव और मामा रवि कुमार सहित आठ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 109(1) (जानलेवा हमला), 85, 115(2), 117(2), 74, 351(2), 352, 126(2), 127(4), 79, 61(2)(बी), 3(5) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 4 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है। कानून के रखवाले की इस करतूत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

डीएसपी की बेटी से शादी के कुछ महीनों बाद दहेज के लिए मारपीट का आरोप, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

बताया जा रहा है कि इस मामले की सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़िता स्वयं भी एक डीएसपी की पुत्री हैं, जबकि उनके पति भी पुलिस विभाग में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं। यानी मामला सीधे पुलिस महकमे के दो परिवारों से जुड़ा हुआ है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।पुलिस विभाग से जुड़े परिवार का मामला होने के कारण यह घटना बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

 

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