11 मौतों पर योगी का महा-एक्शन: आधी रात गरजा बुलडोजर, एनकाउंटर में लंगड़ा हुआ बारूद माफिया नौशाद..
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में हुए भीषण पटाखा विस्फोट कांड ने शासन से लेकर प्रशासन तक को हिलाकर रख दिया है। प्रयागराज-कौशाम्बी सीमा पर स्थित चरवा के चिल्ला शहबाजी गांव में हुए इस महाधमाके में 11 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हो गई है। एक तरफ जहां बेकसूरों की मौत के कुछ ही घंटों के भीतर पटाखा माफिया की अवैध दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर गरज उठा, वहीं दूसरी ओर फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने आधी रात मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
धमाके से जमींदोज हुई इमारतें, श्मशान बनी पटाखा फैक्ट्री
सोमवार को हुआ यह विस्फोट इतना भयानक था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। चिल्ला शहबाजी गांव में स्थित पटाखा फैक्ट्री और गोदाम ताश के पत्तों की तरह ढह गए। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास बने कई मकान और एक बूंदी का कारखाना पूरी तरह जमींदोज हो गया। मलबे के नीचे दबने और आग की चपेट में आने से 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल भेजा गया, जहां खुद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की।
प्रशासन का चाबुक: मनौरी बाजार में देर रात गरजा बुलडोजर
हादसे की भयावहता को देखते हुए सीएम योगी के निर्देश पर पुलिस-प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन मोड में आया। डीएम डॉ. अमित पाल शर्मा और एसपी सत्यनारायण प्रजापत के आदेश पर एसडीएम चायल प्रेरणा गौतम व डीएसपी शिवांक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मनौरी बाजार पहुंचे। आरोपी नौशाद की तीन दुकानों जिनका इस्तेमाल अवैध रूप से बारूद और पटाखों के भंडारण के लिए गोदाम के रूप में हो रहा था ,को देर रात बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। एक दुकान रेलवे ओवरब्रिज के नीचे और दो बाजार के बीच स्थित थीं। अब आरोपी के रिहाइशी मकान को भी गिराने के लिए विधिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
आधी रात मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया आरोपी
कार्रवाई केवल बुलडोजर तक सीमित नहीं रही। मंगलवार भोर में पुलिस और SOG टीम की संयुक्त घेराबंदी के दौरान आरोपी नौशाद को खाकी ने घेर लिया। सैयद सरावां-तेरहमील मार्ग पर काजीपुर मोड़ के पास जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, तो आरोपी ने ईंट भट्ठे की ओर भागते हुए पुलिस पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली नौशाद के पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोके बरामद किए गए हैं। घायल नौशाद को इलाज के लिए मंझनपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
6 पर FIR दर्ज, पीएम और सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी नौशाद ने कबूल किया कि उसने कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में बिना सुरक्षा मानकों के पावर हाउस के पास भारी मात्रा में अवैध बारूद एकत्र कर रखा था। मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है और बाकी फरार अभियुक्तों की तलाश में 4 विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस भीषण त्रासदी पर दुख जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि और घायलों के मुफ्त इलाज व मुआवजे का ऐलान किया है।

