सिमडेगा में गांजा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 5 तस्कर गिरफ्तार
सिमडेगा। उड़ीसा से झारखण्ड के रास्ते गांजा की तस्करी कर राँची तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ सिमडेगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तस्करी से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने और गांजा की खेप को सुरक्षित निकालने के लिए रेकिंग करने की बात भी स्वीकार की है।
शुक्रवार शाम आयोजित प्रेस वार्ता में वरीय पुलिस उपाधीक्षक रणवीर सिंह ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि एसपी सिमडेगा श्रीकांत एस. खोटरे को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर उड़ीसा से गांजा लेकर कोलेबिरा के रास्ते राँची की ओर जाने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसपी के निर्देश पर कोलेबिरा चेकनाका के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया।
पुलिस को कार से कुचलने की कोशिश, पीछा कर पकड़ा
वाहन जांच के दौरान सफेद रंग की एक मारुति सुजुकी कार पुलिस को देखकर तेजी से निकलने लगी। पुलिस के अनुसार, कार सवार लोगों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए वाहन चढ़ाने की कोशिश की और चकमा देकर भागने लगे। इसके बाद पुलिस बल ने पीछा किया और ग्राम लरबा के पास कार को रोककर आरोपियों को पकड़ लिया।पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने गांजा तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि वे आगे चलकर पुलिस की रेकिंग कर रहे थे और पीछे से उनके अन्य साथी गांजा लदी गाड़ी लेकर आ रहे थे।
पुलिस की सक्रियता देख बदली रणनीति, गांजा लेकर लौटे साथी
पूछताछ में यह भी सामने आया कि पुलिस की सक्रियता की जानकारी मिलने के बाद आगे मौजूद तस्करों ने पीछे आ रहे अपने साथियों को वापस लौटने का संकेत दिया। इसके बाद गांजा लेकर आ रहे लोग वापस उड़ीसा की ओर लौट गए।पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गांजा लदी गाड़ी में सवार दो अन्य लोगों को भी उड़ीसा से गिरफ्तार कर सिमडेगा लाया। हालांकि, पुलिस के अनुसार आरोपी गांजा को छिपाने में सफल रहे। पूछताछ में उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार किया है।
10 अगस्त की 108 किलो गांजा बरामदगी से भी जुड़े तार
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने एक पुराने मामले का भी खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने स्वीकार किया कि 10 अगस्त 2026 को कोलेबिरा थाना चौक के पास उनकी इनोवा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर OR05AU-7076) से 108 किलो गांजा बरामद किया गया था।इस स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांजा की खेप कहां से आती थी, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फरार तस्करों और छिपाई गई गांजा की तलाश तेज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में शामिल कुछ आरोपी अभी फरार हैं। साथ ही गांजा की छिपाई गई खेप की बरामदगी के लिए सिमडेगा और आसपास के इलाकों के अलावा उड़ीसा में भी संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कंधमाल, ओडिशा निवासी शिवाजी प्रसाद बेहरा, मनोज साहनी, विजय चंद्र दिग्गल, सनन्त दिग्गल और सूचित केस नाग के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार सभी आरोपी अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई से गांजा तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। अब जांच का फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और छिपाई गई गांजा की बरामदगी के साथ-साथ इस पूरे नेटवर्क के मुख्य सरगना और तस्करी के रूट का पता लगाने पर है।

