एक छोटी सी चूक और बुझ गई जिंदगी, हंसुआ लगने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत–

–हंसुआ मांगने पर 14 वर्षीय किशोर ने हाथ में देने के बजाय फेंका, हादसे में मौके पर ही थम गई अख्तर की सांस; किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश
पाकुड़। लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के फूलपहाड़ी गांव में रविवार शाम घास काटने के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। घास काटने के लिए निकले 12 वर्षीय अख्तर अंसारी की हंसुआ लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हंसुआ लेने-देने के दौरान हुई चूक में धारदार औजार अख्तर के गले में जा लगा। गंभीर रूप से घायल अख्तर ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, फूलपहाड़ी गांव निवासी बदरुद्दीन अंसारी का 12 वर्षीय पुत्र अख्तर अंसारी और मुस्लिम अंसारी का 14 वर्षीय पुत्र मरुत अंसारी रविवार शाम घास काटने गए थे। इसी दौरान अख्तर ने मरुत से घास काटने के लिए हंसुआ मांगा।
बताया जाता है कि हंसुआ हाथ में देने के बजाय मरुत ने उसे अख्तर की ओर फेंक दिया। इसी दौरान हंसुआ अख्तर के गले में जा लगा। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल अख्तर को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही लिट्टीपाड़ा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पाकुड़ भेज दिया। घटना के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
प्रभारी थाना प्रभारी अनिल पंडित ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हादसे का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पुलिस घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
पुलिस के अनुसार, हंसुआ फेंकने वाले 14 वर्षीय किशोर को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बोर्ड के निर्देश के अनुसार किशोर को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। महज 12 साल की उम्र में अख्तर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

