राँची में चैन स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश: 15 से अधिक वारदातों का खुलासा, चार गिरफ्तार

 

राँची। राजधानी राँची में लगातार हो रही चैन छिनतई और मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राँची पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके सदस्यों ने पूछताछ के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में 15 से अधिक चैन छिनतई और मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से सोने के चैन के टुकड़े, गलाए गए सोने से बने आभूषण, चाँदी, नकदी, स्मार्टफोन और दो चोरी की मोटरसाइकिल समेत कई सामान बरामद किए गए हैं।

मामला नगड़ी थाना कांड संख्या 136/26, दिनांक 05 अगस्त 2026, से जुड़ा है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, गुप्त सूचना और तकनीकी सहयोग को आधार बनाया और आखिरकार गिरोह तक पहुँचने में सफलता हासिल की।

दलादली रिंग रोड पर हुई चैन छिनतई ने खोले गिरोह के राज
पुलिस के अनुसार, 05 अगस्त 2026 को दलादली रिंग रोड में एक महिला के गले से मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने सोने की चैन झपट ली थी। पीड़िता ने तत्काल दलादली टीओपी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही आसपास के थाना क्षेत्रों को अलर्ट किया गया और संभावित रास्तों पर वाहन जांच शुरू कराई गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक (मु.) द्वितीय के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।

 

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से अपराधियों तक पहुँची पुलिस

विशेष टीम ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। अपराधियों की गतिविधियों और उनके आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पूर्व के अपराधियों के संबंध में मिली गुप्त सूचनाओं और तकनीकी सहयोग के आधार पर पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने चैन छिनतई करने वाले गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने राँची के विभिन्न इलाकों में 15 से अधिक चैन छिनतई और मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के कुछ सदस्य पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं।

चैन बेचने वाले दुकानदार तक पहुँची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि छिनी गई सोने की चैन को एक दुकानदार के पास बेचकर उसे गलाया जाता था। पुलिस टीम ने उक्त दुकानदार को भी गिरफ्तार किया है।
उसके कब्जे से गलाए गए सोने से तैयार आभूषण और नकदी बरामद की गई। इससे पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके की अहम जानकारी मिली है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह द्वारा पूर्व में छीने गए आभूषणों को कहाँ-कहाँ बेचा गया और इस नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हुए हैं।

चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
1. फनी सोनार (28 वर्ष)
पिता—दुर्गा चरण सोनार
पता—चितामी भण्डारडीह, थाना पिण्ड्राजोरा, जिला बोकारो।
2. मो. फहीम अंसारी (27 वर्ष)
पिता—स्व. सलाम अंसारी
मूल पता—ईचाक बाजार, मलिक टोला, थाना ईचाक, जिला हजारीबाग।
वर्तमान पता—भट्ठा मुहल्ला, हरमू-अरगोड़ा, राँची।
3. मो. साकिब उर्फ देवा (30 वर्ष)
पिता—सकील
पता—नेजाम नगर, छोटा तालाब, थाना हिन्दपीढ़ी, राँची।
वर्तमान पता—भट्ठा मुहल्ला, हरमू-अरगोड़ा, राँची।
4. दीपक सोनार (37 वर्ष)
पिता—स्व. अभिमन्यु सोनार
पता—ग्राम बन्ता, थाना सिल्ली, जिला राँची।

पुलिस के हाथ लगा बड़ा बरामदगी का सामान
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही और छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं—
करीब 26 ग्राम सोने के चैन के टुकड़े एवं गलाए हुए सोने से बने आभूषण
करीब 240 ग्राम चाँदी की 18 चैन
तीन स्मार्टफोन
44 हजार रुपये नकद
दो मोटरसाइकिल, जिसमें एक पल्सर और एक अपाची शामिल है
घटना में इस्तेमाल हेलमेट, जूते और कपड़े
वजन मापक यंत्र मिला है।बरामद सामान से पुलिस को आशंका है कि गिरोह चोरी और छिनतई के सामान को तेजी से खपाने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम करता था।

साकिब उर्फ देवा का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपी मो. साकिब उर्फ देवा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ सिल्ली, कोतवाली, बरियातू, जगन्नाथपुर, अरगोड़ा, लोअर बाजार और डोरंडा समेत विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं।उसके खिलाफ दर्ज मामलों में चैन/मोबाइल छिनतई, लूट तथा अन्य आपराधिक धाराओं से संबंधित कई कांड शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2011 से लेकर 2024 तक के कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

फहीम अंसारी पर भी कई मामले दर्ज
दूसरे आरोपी मो. फहीम अंसारी के खिलाफ भी विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ जगन्नाथपुर और अरगोड़ा थाना क्षेत्रों में वर्ष 2019 से 2023 के बीच छिनतई और लूट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके पुराने मामलों और हाल की घटनाओं के बीच कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

गिरोह की कार्यप्रणाली भी सामने आई
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार गिरोह मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर महिलाओं को निशाना बनाता था। मौका मिलते ही गले से चैन झपटकर तेज रफ्तार से फरार हो जाता था। घटना के बाद छिनी गई सोने की चैन को छोटे टुकड़ों में काटने या गलाने के बाद आभूषण के रूप में खपाने की व्यवस्था भी गिरोह के नेटवर्क में शामिल थी।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के साथ और कितने लोग जुड़े हैं, चोरी की मोटरसाइकिलें कहाँ से हासिल की जाती थीं और छिने गए अन्य आभूषणों को किन-किन स्थानों पर बेचा गया।पूरी कार्रवाई में दलादली टीओपी और पुन्दाग ओपी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

15 से अधिक वारदातों से जुड़ा है गिरोह
राँची पुलिस की इस कार्रवाई को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में 15 से ज्यादा अलग-अलग स्थानों पर चैन छिनतई और मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है।एक ही गिरोह के पकड़े जाने से राजधानी में चैन छिनतई की कई अनसुलझी घटनाओं के खुलासे की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और पुराने मामलों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही बरामद सामान की पहचान के जरिए अन्य पीड़ितों तक पहुँचने की कोशिश भी की जा सकती है।दलादली रिंग रोड की एक वारदात से शुरू हुई जांच ने आखिरकार ऐसे गिरोह तक पुलिस को पहुँचा दिया, जिसके तार राँची में हुई कई चैन छिनतई और वाहन चोरी की घटनाओं से जुड़े होने का दावा पुलिस कर रही है।

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