झारखण्ड:तस्करों से मुक्त हुईं बच्चियां अब बनेंगी अफसर, सरकार कस्तूरबा-आवासीय स्कूलों में करा रही है दाखिला

राँची।झारखण्ड के सिमडेगा जिले में रोजगार और अन्य प्रलोभन का लालच देकर महिलाओं और नाबालिगों को राज्य से बाहर बेचने का काला कारोबार एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक भूषण बाड़ा द्वारा उठाए गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने मानव तस्करी के आधिकारिक आंकड़े और इसे रोकने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों का ब्योरा साझा किया है।सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 2021 से मई 2026 तक सिमडेगा जिले में मानव तस्करी के दर्ज मामलों में दर्जनों पीड़ितों को रेस्क्यू कराया गया है और मानव तस्करों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किए गए हैं।
तस्करों से बचाई गईं बच्चियों के पुनर्वास और शिक्षा की व्यवस्था
तस्करी के चंगुल से मुक्त कराई गई महिलाओं और बच्चों के सामाजिक पुनर्वास, सुरक्षा और शिक्षा को लेकर सरकार विशेष सतर्कता बरत रही है। सिमडेगा जिले में तस्करों से मुक्त कराए गए बच्चों को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के तहत विभिन्न प्रतिष्ठित सरकारी आवासीय विद्यालयों में नामांकित कराया गया है, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
-कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (कोलेबिरा): 01 बच्ची
-कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (ठेठईटांगर): 06 बच्चियां
-कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (ठेठईटांगर/कुरडेग/अन्य): 02 बच्चियां
– झारखण्ड आवासीय विद्यालय (फाटकटोली): 01 बच्चा
-सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय (कुरडेग): 01 बच्चा
इसके अलावा, तस्करी से पीड़ित महिलाओं को जिले में संचालित वन-स्टॉप सेंटर के माध्यम से अस्थायी आश्रय, कानूनी सहायता, मेडिकल मदद, काउंसलिंग और चिकित्सीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
सिमडेगा जिले में वर्षवार केस और गिरफ्तारियां
2021: दर्ज मामले – 11 | कुल गिरफ्तारियां – 10
2022: दर्ज मामले – 04 | कुल गिरफ्तारियां – 02
2023: दर्ज मामले – 01 | कुल गिरफ्तारियां – 02
2024: दर्ज मामले – 02 | कुल गिरफ्तारियां – 01
2025: दर्ज मामले – 00 | कुल गिरफ्तारियां – 00
2026 (मई तक): दर्ज मामले – 04 | कुल गिरफ्तारियां – 01
सिमडेगा में एएचटीयू को दिए जा रहे संसाधन, नया भवन तैयार
मानव तस्करी रोकने के लिए सिमडेगा जिले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को तकनीकी रूप से सक्षम और मजबूत बनाया जा रहा है। सरकार की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, एएचटीयू पुलिस स्टेशन का नया भवन तैयार है। नया भवन बनकर तैयार हो चुका है, जिसके उद्घाटन की तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी। संसाधनों की उपलब्धता: एएचटीयू टीम को कार्रवाई के लिए अलग वाहन, सीसीटीएनएन कार्य के लिए उपकरण और सिरिस्ता संबंधी कार्य के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
समाज के लिए जरूरी जागरूकता: किसी झांसे में न आएं!
प्रशासन ने आम नागरिकों और विशेषकर ग्रामीण इलाकों के परिवारों से अपील की है कि वे बाहरी बिचौलियों, झूठे मैरिज सिंडिकेट या महानगरों में बड़े वेतन-सुविधा का लालच देने वाले दलालों के बहकावे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा बच्ची या महिला को बाहर ले जाने का प्रयास करने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) पर सूचना दें।

