JPSC पेपर विवाद: CID के रडार पर पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते, पूर्व अध्यक्ष से आज हो रही है अहम पूछताछ

राँची।झारखण्ड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) ने पूर्व मुख्य सचिव और जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते को पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी को उम्मीद है कि अब तक गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कई अहम तथ्यों से पर्दा उठ सकता है।
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान एल. खियांग्ते से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर जवाब मांगा जाएगा। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि पहले से विवादों में रही एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी किन परिस्थितियों और नियमों के तहत दी गई।
इसके अलावा ओएमआर शीट और सर्वर में कथित डिजिटल टेंपरिंग, बैकडेट में बदलाव, परीक्षा परिणाम जारी करने की प्रक्रिया, आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना रिजल्ट प्रकाशित करने और कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं करने जैसे मुद्दे भी पूछताछ का हिस्सा होंगे।
अब तक 10 गिरफ्तार
इस मामले में सीआईडी अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी (अभय कुमार तिवारी) और तकनीकी प्रोग्रामर शामिल हैं। हाल ही में पांच आरोपियों से रिमांड पर हुई पूछताछ में मिले इनपुट के बाद ही पूर्व अध्यक्ष को समन जारी किया गया।
पहले भी हुई थी छापेमारी
पूछताछ से पहले सीआईडी ने एल. खियांग्ते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास, जेपीएससी मुख्यालय और परीक्षा एजेंसी के ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल साक्ष्य, ओएमआर शीट और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। एजेंसी इन्हीं सबूतों के आधार पर पूछताछ को आगे बढ़ा रही है।
खियांग्ते ने दी सफाई
समन मिलने के बाद एल. खियांग्ते ने कहा कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने दावा किया कि जिस समय परीक्षा एजेंसी का चयन हुआ, उस समय वह ब्लैकलिस्टेड नहीं थी और पूरी प्रक्रिया Rules of Procedure-2002 के तहत पूरी की गई थी। उन्होंने कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
कई परीक्षाएं फिलहाल स्थगित
इस पूरे विवाद के बीच जेपीएससी ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा सहित आयोग की नौ प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। अब पूरे राज्य की नजरें सीआईडी मुख्यालय में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ पर टिकी हैं, क्योंकि इससे जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।

