जब्त 56 हजार घन फीट बालू की होगी खुली नीलामी: बारिश में थम चुके निर्माण कार्यों में आएगी तेजी, राँची के बाजारों को भी मिलेगी बड़ी राहत

 

-30 जुलाई को खूंटी अपर समाहर्ता के कक्ष में लगेगी खुली बोली, जरियागढ़ के लापा और बकसपुर में जप्त है बालू का भारी स्टॉक

राँची/खूंटी। मानसून के दस्तक देते ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक के कारण झारखण्ड के सभी बालू घाट बंद हो चुके हैं, जिससे राजधानी सहित पूरे राज्य में बालू का भारी संकट पैदा हो गया है। इस बीच, रियल एस्टेट सेक्टर, आम मकान निर्माताओं और सरकारी कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए खूंटी से एक बेहद राहत देने वाली खबर आई है। खूंटी जिला प्रशासन (खनन शाखा) ने विभिन्न थानों के अंतर्गत जप्त किए गए कुल 56,000 घन फीट बालू की खुली आम नीलामी करने का फैसला किया है। उपायुक्त खूंटी के आदेश पर आगामी 30 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे अपर समाहर्ता (झारखण्ड लघु खनिज समनुदान नियमावली, 2004 के नियम 54A के तहत) की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में इस बालू स्टॉक की खुली डाक की जाएगी।

राँची को क्यों मिलेगी बड़ी राहत: खूंटी की सप्लाय रुकने से थम गए थे कंस्ट्रक्शन

गौरतलब है कि राँची में होने वाले अधिकांश बड़े कंस्ट्रक्शन और मकानों के निर्माण में खूंटी जिले से आने वाले बालू का बहुत बड़ा योगदान रहता है। रोक के बाद से राँची के बाजार में बालू की किल्लत बढ़ गई थी और कीमतें आसमान छू रही थीं, जिससे कई प्रोजेक्ट्स अधर में लटक गए थे. अब प्रशासन द्वारा जप्त बालू को कानूनी तरीके से बाजार में उतारे जाने से बालू की किल्लत दूर होगी, जिससे राँची और खूंटी में रुके हुए कंस्ट्रक्शन वर्क्स में एक बार फिर तेजी आ सकेगी।

जानिए कहा है कितना स्टॉक

लापा मौजा: यहां तीन अलग-अलग प्लॉटों को मिलाकर कुल 29,000 घन फीट बालू उपलब्ध है।

बकसपुर मौजा: यहां दो अलग-अलग प्लॉटों को मिलाकर कुल 27,000 घन फीट बालू उपलब्ध है।

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