सुबह विवाद… दोपहर मर्डर, आदित्यपुर में युवक की निर्मम हत्या से सनसनी.…

सरायकेला-खरसावां।झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र में शनिवार की दोपहर को एक 27 वर्षीय युवक की धारदार हथियार से सरेआम निर्मम हत्या कर दी गई।
दिल दहला देने वाली यह पूरी वारदात बोलायडीह शीतला मंदिर के पास घटित हुई, जहाँ दिनदहाड़े हमलावरों ने कानून व्यवस्था को धत्ता बताते हुए एक युवक को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस खौफनाक मर्डर के बाद इलाके में भारी तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों ने तुरंत कमान अपने हाथों में ले ली।
खून से लथपथ इस सनसनीखेज वारदात का शिकार हुआ मृतक युवक गोपपाड़ा का निवासी था, जिसकी पहचान 27 वर्षीय जगन्नाथ गोप उर्फ काड़ा के रूप में की गई है। इस हत्याकांड की आधिकारिक पुष्टि स्वयं एसडीपीओ अभिनव भारद्वाज ने की है।
मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर जब जगन्नाथ शीतला मंदिर के पास था, तभी अचानक घात लगाकर बैठे चार से पांच हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से तड़ातड़ हमला बोल दिया। हमलावरों ने जगन्नाथ पर इतने बेरहमी और तीखे वार किए कि वह संभल भी नहीं पाया। धारदार हथियारों के इस जानलेवा हमले में युवक गंभीर रूप से घायल होकर वहीं तड़पने लगा और चंद मिनटों में ही मौके पर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। खून का यह नंगा नाच खेलने के बाद सभी आरोपी हथियार लहराते हुए बड़ी आसानी से घटनास्थल से फरार हो गए।
इस हत्याकांड के पीछे एक गहरी साजिश और सुबह से चल रही रंजिश की बात सामने आ रही है। मृतक के भाई सोनू गोप ने पुलिस के सामने इस पूरी मर्डर मिस्ट्री का खुलासा करते हुए शिवम प्रामाणिक, शिबू और गणेश समेत अन्य लोगों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है।
सोनू गोप के अनुसार, शनिवार की सुबह जगन्नाथ और गणेश नाम के युवक के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस और गंभीर विवाद हुआ था। इस विवाद के कुछ ही देर बाद प्रेम नायक नामक एक युवक अचानक जगन्नाथ के घर पहुंचा। वह जगन्नाथ को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर से बुलाकर बाहर ले गया।
परिजनों को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि घर से हंसते-खेलते निकल रहा जगन्नाथ अब कभी जिंदा वापस नहीं लौटेगा। प्रेम नायक के ले जाने के कुछ ही देर बाद घात लगाए हमलावरों ने जगन्नाथ को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही जगन्नाथ की पत्नी पार्वती गोप का निधन हो चुका था। अब जगन्नाथ की हत्या के बाद उसका आठ वर्षीय पुत्र रीतेश गोप और महज दो वर्ष की मासूम पुत्री रेशमी गोप पूरी तरह से अनाथ हो गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
वारदात की भयावहता और सरेआम हुई हत्या की सूचना मिलते ही आदित्यपुर और गम्हरिया थाना की पुलिस टीमें भारी दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने सबसे पहले खून से लथपथ शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके तुरंत बाद फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल की नाकेबंदी कर दी।
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश पर एसडीपीओ अभिनव भारद्वाज ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और चल रही जांच की क्लोज मॉनिटरिंग की। पुलिस ने नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया है और उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।

