जयघोष के बीच निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल-संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खींचा रथ, प्रशासन की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण रहा आयोजन

राँची।राजधानी राँची की ऐतिहासिक जगरनाथपुर रथयात्रा गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के अभूतपूर्व माहौल में संपन्न हुई। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान किए तो पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। रथ की एक झलक पाने और उसकी रस्सी खींचने के लिए हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

रथयात्रा के शुभ अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद दोनों ने श्रद्धालुओं के साथ रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान पूरा परिसर भक्ति और धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और जगन्नाथपुर मंदिर के धार्मिक महत्व को देखते हुए मंदिर परिसर में भव्य तोरणद्वार के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी नई भव्यता देगा।इस अवसर पर राँचीके सांसद सह केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। 

प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था, सीसीटीवी से होती रही निगरानी

रथयात्रा को लेकर राँची जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए थे। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री एवं वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन स्वयं मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते रहे। मंदिर परिसर में बनाए गए कंट्रोल रूम से विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी गई और आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए गए।

मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी, यातायात पुलिस, क्यूआरटी, चिकित्सा दल, अग्निशमन दल तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की तैनाती की गई थी। पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

25 जुलाई तक चलेगा मेला
जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घूरती रथयात्रा तथा 25 जुलाई तक चलने वाले मेले के दौरान भी सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रशासन का उद्देश्य पूरे धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।

राँची की ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा ने एक बार फिर यह साबित किया कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और जनभागीदारी का विराट उत्सव है, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भागीदारी निभाई।

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