गुमला में मर्डर, खूंटी में लाशें और बुंडू में सबूत स्वाहा… तजना नदी दोहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा,बहन-बहनोई के साथ मुख्य आरोपी सहित 6 गिरफ्तार

खूंटी।झारखण्ड के खूंटी जिले के तजना नदी के पुल के पास मिले युवक-महिला के शवों के मामले का खूंटी पुलिस ने बेहद सनसनीखेज खुलासा किया है। यह साधारण हत्या नहीं, बल्कि शक और खूनी इंतकाम की ऐसी खौफनाक दास्तान है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। विशेष जांच दल ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस दोहरे हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता (पति) और उसकी मदद करने वाले बहन-बहनोई समेत कुल 6 आरोपियों को दबोच लिया है।
वारदात की मुख्य वजह: शक का वो जानलेवा साया
पुलिस के अनुसार, इस पूरे दोहरे हत्याकांड की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग और बेइंतहा शक थी। मुख्य आरोपी कुंदन प्रमाणिक उर्फ संजीत को अपनी पत्नी पर अपने ही पड़ोसी अरुण राणा के साथ अवैध संबंध का गहरा शक था। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर हिंसक विवाद होता था। विवाद इस हद तक बढ़ चुका था कि कुंदन ने अपनी पहली पत्नी को बिना बताए बुंडू में चुपके से दूसरी शादी भी कर ली थी।
घटना वाले दिन पूरी प्लानिंग के साथ इस वारदात को अंजाम दिया गया:
पत्नी नेहा अपने पड़ोसी अरुण राणा के साथ बाइक पर सवार होकर अपने 5 वर्षीय बेटे को लेने गुमला के दूड़िया गांव स्थित अपने ससुराल गई थी। वहां पति कुंदन ने बच्चे को भेजने से साफ मना कर दिया, जिससे दोनों में जमकर विवाद हुआ।उसके बाद पत्नी थाने में गुहार लगाने के बाद जब वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे पति कुंदन ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक एसयूवी (स्कॉर्पियो) से उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मारी और दोनों को सड़क पर गिरा दिया।टक्कर मारने के बाद आरोपियों ने दोनों को जबरन गाड़ी में खींच लिया और किडनैप कर गुमला के ही एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से सिर कूचकर दोनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
लाशों को ठिकाने लगाना:हत्या करने के बाद आरोपी दोनों शवों को स्कॉर्पियो में लादकर खूंटी ले आए और सबूत मिटाने के इरादे से रात के अंधेरे में तजना नदी के पुल के नीचे फेंक कर फरार हो गए। 10 जुलाई की सुबह पुलिस ने ये शव बरामद किए थे।कत्ल और लाशों को ठिकाने लगाने के बाद मुख्य आरोपी कुंदन अपने साथियों के साथ राँची के बुंडू में अपनी बहन सती देवी और बहनोई विजय रंजन शर्मा के घर जा छिपा। वहां बहन-बहनोई की मदद से खून से सने कपड़ों को जलाकर खाक कर दिया गया।लेकिन कानून के हाथ हत्यारों तक पहुंच ही गए। पुलिस कप्तान ऋषभ गर्ग के निर्देश पर एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में बनी स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम ने सबसे पहले संदेही पति कुंदन को हिरासत में लिया। पुलिसिया पूछताछ में टूटते ही कुंदन ने पूरी साजिश उगल दी, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर एक महिला समेत सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सलाखों के पीछे पहुंचे ये 6 गुनहगार
कुंदन प्रमाणिक उर्फ संजीत (मुख्य आरोपी-पति)
जितेन्द्र सिंह उर्फ जायरा (सहयोगी)
रितेश चीक बड़ाईक (सहयोगी)
मदन ठाकुर उर्फ मदन प्रमाणिक (सहयोगी)
सती देवी (मुख्य आरोपी की बहन – सबूत मिटाने की आरोपी)
विजय रंजन शर्मा (मुख्य आरोपी का बहनोई – सबूत मिटाने का आरोपी)
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कत्ल से जुड़ा हर एक साक्ष्य बरामद कर लिया है।वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद स्कॉर्पियो गाड़ी,कत्ल में प्रयुक्त लोहे की भारी रॉड और धारदार हथियार,चार मोबाइल फोन,मृतकों के जलाए गए खून से सने वस्त्र,मृतक अरुण की बाइक और चप्पल और मृतक महिला की सैंडल शामिल है।

