फेसबुक पर डॉक्टर से दोस्ती पड़ी भारी: राँची के नामकुम की एक महिला से ‘गिफ्ट पार्सल’ के नाम पर 5.20 लाख रुपये की ठगी, साइबर ठगों ने एयरपोर्ट से लेकर जेल भेजने तक का दिखाया डर

राँची। राजधानी राँची के नामकुम (सदाबहार चौक) में रहने वाली एक 36 वर्षीय महिला अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का शिकार हो गई हैं। फेसबुक पर खुद को यूके (UK) का नामचीन डॉक्टर बताने वाले एक शातिर अपराधी और उसकी महिला साथी ने ‘गिफ्ट पार्सल’ भेजने के नाम पर पीड़िता से कुल 5 लाख 20 हजार रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में पीड़िता ने राँची साइबर अपराध थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
शिकायत के अनुसार, ठगी का यह खेल इसी साल 27 मार्च को फेसबुक पर ‘डॉक्टर सैम चेरिस’ नाम की आईडी से आई एक फ्रेंड रिक्वेस्ट के बाद शुरू हुआ। धीरे-धीरे बातचीत व्हाट्सएप पर होने लगी। आरोपी ने पीड़िता का भरोसा जीतने के लिए अपनी कथित बेटी से भी बात कराई और कहा कि वह उसकी बेटी के जन्मदिन के मौके पर यूके से एक कीमती गिफ्ट पार्सल भेज रहा है। झांसे में आकर महिला ने अपना पता दे दिया। इसके बाद 9 अप्रैल को एक अन्य मोबाइल नंबर से फोन आया, जिसमें कॉल करने वाली महिला ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कस्टम अधिकारी बताया। उसने कहा कि यूके से एक पार्सल आया है, जिसे छुड़ाने के लिए कार्गो शिप चार्ज के रूप में 25,000 रुपये देने होंगे।
इसके बाद शातिर ठगों ने महिला को किस्तों में अपने जाल में फंसाना शुरू किया। कभी पार्सल में 30 हजार पाउंड (करीब 37 लाख रुपये) होने की बात कहकर पाउंड एक्सचेंज चार्ज के नाम पर 75,000 रुपये ऐंठे गए, तो कभी चुनाव का हवाला देकर यह कहा गया कि रेलवे स्टेशन की एक्स-रे मशीन में कैश पकड़ा गया है और अधिकारियों को घूस देनी होगी, जिसके नाम पर 55,000 रुपये ट्रांसफर कराए गए। हद तो तब हो गई जब दिल्ली की सर्वे टीम को मैनेज करने के नाम पर 55,000 रुपये, रेलवे डॉक्यूमेंटेशन के लिए 45,000 रुपये, डिलीवरी टीम के हवाई टिकट के नाम पर 45,000 रुपये और राँची एयरपोर्ट पर पेनाल्टी व घूस के नाम पर क्रमशः 45,000 और 55,000 रुपये ऐंठ लिए गए।
जब लगातार पैसों की डिमांड से परेशान होकर पीड़िता ने केस करने की चेतावनी दी, तो ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। डर के मारे पीड़िता ने पैसे देना जारी रखा। इसके बाद ठग ने भारत आने का नाटक किया और उसकी महिला साथी ने फोन कर कहा कि डॉक्टर सैम चेरिस को मुंबई एयरपोर्ट पर बिना इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट के गिरफ्तार कर लिया गया है, उन्हें कस्टडी से छुड़ाने के लिए 35,000 रुपये देने होंगे। महिला ने यह रकम भी दे दी। लेकिन जब आरोपियों ने डॉक्यूमेंट साइन आउट के नाम पर फिर से 45,000 रुपये की मांग की, तब जाकर पीड़िता को इस बहुत बड़े फ्रॉड का अहसास हुआ। साइबर थाना पुलिस ने पीड़िता के मोबाइल नंबर और प्राथमिक दस्तावेजों के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली है और उन बैंक खातों तथा मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर रही है, जिनमें यह बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई है।

