रिम्स-2: 2,800 बेड का भव्य मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज, 1500 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट के लिए ग्लोबल टेंडर जारी-

-‘जागृति’ योजना के तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) के सहयोग से संवरेगा झारखण्ड का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
राँची।झारखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक क्रांति होने जा रही है।राजधानी राँची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स)-2 परिसर में 2,800 बेड का एक विशाल और अत्याधुनिक ‘मल्टी स्पेशलिटी टीचिंग अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज’ बनाया जाएगा।स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग की ओर से झारखण्ड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड (JSBCCL) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेंडर आमंत्रित कर दिया है। यह पूरा प्रोजेक्ट एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की वित्तीय सहायता से चल रहे ‘झारखण्ड एक्शन फॉर जनरेटिंग रिस्पॉन्सिव एंड इंक्लूसिव ट्रांसफॉर्मेशन्स इन हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर’ यानी जागृति (JAGRITI) कार्यक्रम के तहत पूरा किया जाएगा। इस ‘डिजाइन एंड बिल्ड’ कॉन्ट्रैक्ट के तहत अस्पताल के नक्शे से लेकर उसके निर्माण तक की जिम्मेदारी चयनित वैश्विक कंपनी की होगी।
टेंडर में शामिल होने के लिए रखी गई हैं बेहद कड़ी शर्तें
इतने बड़े पैमाने के अस्पताल और मेडिकल कॉलेज निर्माण को समय पर और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिए टेंडर भरने वाली कंपनियों के लिए बेहद कड़े नियम और अर्हताएं तय की गई हैं।केवल वही कंपनियां इसमें हिस्सा ले सकेंगी जो इन शर्तों को पूरा करेंगी।पिछले 3 वर्षों में कंपनी का न्यूनतम औसत वार्षिक कंस्ट्रक्शन टर्नओवर कम से कम 1,667 करोड़ होना अनिवार्य है।कंपनी के पास कम से कम 208 करोड़ के वित्तीय संसाधन होने चाहिए।मार्च 2021 के बाद कंपनी ने कम से कम 1,500 करोड़ का एक प्रोजेक्ट, या 1,000 करोड़ के दो प्रोजेक्ट, अथवा 500 करोड़ के तीन हॉस्पिटल/इंस्टीट्यूशनल/रेसिडेंशियल बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स सफलतापूर्वक पूरे किए हों।कंपनी के पास मार्च 2021 के बाद न्यूनतम 350 बेड वाले अस्पताल के निर्माण का अनुभव होना जरूरी है।साथ ही हॉस्पिटल डिजाइनिंग, मॉड्युलर ओटी, मेडिकल गैस पाइपलाइन सिस्टम, हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन सिस्टम और फायर फाइटिंग जैसी प्रमुख तकनीकी गतिविधियों में विशेषज्ञता होनी चाहिए।

