बद्रीनाथ से लौट रहे झारखण्ड के श्रद्धालुओं पर मंडराया खतरा, पत्थर बना 32 जिंदगियों का रक्षक
चमोली/झारखण्ड।बद्रीनाथ धाम से लौट रहे झारखण्ड के 32 श्रद्धालुओं की यात्रा उस समय भयावह मोड़ पर पहुंच गई, जब उनकी बस का ब्रेक अचानक जवाब दे गया। पहाड़ों के घुमावदार रास्ते पर अनियंत्रित हुई बस कुछ पल के लिए यात्रियों की सांसें थमा गईं, लेकिन सड़क किनारे मौजूद एक विशाल पत्थर उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ।
घटना गुरुवार सुबह बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेनाकुली के पास हुई। श्रद्धालु दर्शन के बाद हरिद्वार की ओर लौट रहे थे। तभी बस का ब्रेक फेल हो गया और वाहन तेजी से नियंत्रण खो बैठा। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को संभालने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार बस सड़क किनारे एक बड़े पत्थर से टकराकर रुक गई।यदि वह पत्थर रास्ते में नहीं होता, तो बस गहरी खाई में गिर सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। बस रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी लोग सुरक्षित रहे।
सूचना मिलते ही आईटीबीपी की 23वीं वाहिनी के जवान इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश के नेतृत्व में मौके पर पहुंचे। जवानों ने बिना देर किए बस में फंसे सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और राहत कार्य शुरू किया। उनकी तत्परता और साहस के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने भी आईटीबीपी की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि पहाड़ी रास्तों पर छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है, लेकिन समय पर मिली मदद और सूझबूझ कई जिंदगियों को बचा सकती है।

