झारखण्ड पुलिस महकमे में हड़कंप:डीएसपी अमित कुमार सिंह पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज….फेसबुक से शुरू हुई थी बात, होटल और गेस्ट हाउस में बनाया संबंध…
-चुटिया थाने में प्राथमिकी दर्ज: पीड़ित युवती ने लगाया जबरन गर्भपात कराने और फर्जी आधार कार्ड बनाने का भी आरोप
-पुलिस मुख्यालय में शिकायत के बाद युवती के परिवार को धमकाने और समझौते के लिए मजबूर करने की बात आई सामने
राँची। राजधानी राँची के चुटिया थाने में एक हाई-प्रोफाइल मामले में लोहरदगा के पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। राँची की रहने वाली 25 वर्षीय पीड़ित युवती (अंजली बदला हुआ नाम) ने चुटिया थाना प्रभारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि डीएसपी अमित कुमार सिंह ने शादी का झूठा प्रलोभन देकर न सिर्फ उसका बार-बार शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसे आत्महत्या के लिए भी उत्प्रेरित किया। चुटिया पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर बीएनएस की धारा 69, 88, 89, 108, 318(4), 351(3), और 31(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
फेसबुक से शुरू हुई थी बात, होटल और गेस्ट हाउस में बनाया संबंध
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2024 में उसकी मुलाकात फेसबुक के माध्यम से गिरिडीह के अहिल्यापुर निवासी और वर्तमान में लोहरदगा में पदस्थापित डीएसपी अमित कुमार सिंह (30 वर्ष, पिता- शंभू प्रसाद सिंह) से हुई थी। धीरे-धीरे फोन पर बातचीत के दौरान अमित ने प्यार का इजहार किया और राँची के कावेरी रेस्टोरेंट में मुलाकात की, जहां उसने पीड़ित से ही शादी करने का वादा किया। आवेदन में आरोप है कि 10 दिसंबर 2024 को अमित उसे तुपुदाना के एक गेस्ट हाउस में ले गया और मना करने के बावजूद शादी का झांसा देकर पहली बार शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद 12 जनवरी 2025 को वह राँची के सर्किट हाउस (कमरा नंबर 210) में ले गया, जहां दोबारा शारीरिक संबंध बनाए गए।
फर्जी आधार कार्ड बनाकर होटल में रुके, जबरन कराया गर्भपात
मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि 5 फरवरी 2025 को अमित ने खुंटी जाने से पहले उसका एक फर्जी आधार कार्ड (जिसमें नाम ‘वैष्णवी’ और पीड़िता की फोटो थी) बनवाया। इस फर्जी आईडी के सहारे वह उसे राँची स्टेशन रोड स्थित ‘आशीर्वाद होटल’ ले गया। इसके बाद 20 मार्च 2025 को ‘जेड स्क्वेयर होटल’ में खाना खाने के बाद ओवरब्रिज के पास एक अन्य होटल में ले जाकर शारीरिक संबंध बनाया गया। पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हो गई, तो डीएसपी अमित कुमार सिंह ने उसे कोई दवा खिलाकर जबरन उसका गर्भपात करवा दिया। इसके बाद आरोपी ने यह कहते हुए बातचीत बंद कर दी कि उसका पीड़िता से कोई रिश्ता नहीं है।
‘पुलिस प्रशासन में हूं, पीछा छोड़ दो’– शिकायत करने पर मिली धमकियां
जब पीड़िता ने इस संबंध में पुलिस मुख्यालय, राँची में लिखित शिकायत दर्ज कराई, तो आरोपी डीएसपी के पिता ने दावा किया कि अमित की शादी जनवरी 2025 में ही कोर्ट मैरिज के जरिए किसी और से हो चुकी है। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद अमित और उसके ससुर ने समाज का डर दिखाकर उससे एक समझौते पत्र पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए।
आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिसूचक/अपमानजनक शब्दों का आरोप
पीड़िता ने आवेदन में भावुक होते हुए लिखा है कि पुलिस अधिकारी होने के बावजूद अमित कुमार सिंह उसके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं। आरोपी के परिजन पीड़िता के पिता को लगातार डरा-धमका रहे हैं, जिससे उसके पिता काफी बीमार हो गए हैं। अमित द्वारा आवेदन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और उसे अपमानित करते हुए कहा जा रहा है, “तुम 50 लोगों के साथ सोती हो, तुम मेरे घर के नौकर बनने के लायक नहीं हो।” पीड़िता के अनुसार, उसे लगातार आत्महत्या करने के लिए उकसाया जा रहा है और इन सभी बातों के पुख्ता सबूत उसके फोन में रिकॉर्ड हैं।
इधर एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी पर लगे इन संगीन आरोपों के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।

