48,400 की रिश्वत लेते CISF के तीन अफसर रंगेहाथ गिरफ्तार,राँची-धनबाद के 5 ठिकानों पर CBI का छापा
राँची। झारखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CISF के रीजनल पे एंड अकाउंट्स ऑफिस, राँची में तैनात एक सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर और दो असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर को 48,400 रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपियों से जुड़े राँची और धनबाद के पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद किए जाने की बात सीबीआई ने अपनी आधिकारिक प्रेस रिलीज में कही है।
बिल भुगतान के एवज में मांगी गई थी रिश्वत
सीबीआई के मुताबिक, इस मामले में तीनों आरोपी अधिकारियों के खिलाफ 26 अगस्त 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित NTPC में तैनात CISF के एक हेड कांस्टेबल से रिश्वत की मांग की थी।
यह रिश्वत विभिन्न अधिकारियों से संबंधित बिलों के प्रसंस्करण और भुगतान के एवज में मांगे जाने का आरोप है। इनमें Travelling Allowance (TA) बिल, Children Education Allowance समेत अन्य बिल शामिल थे।
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और आरोपों की पुष्टि के लिए ट्रैप की कार्रवाई की तैयारी की।
CBI ने बिछाया जाल, तीनों अफसर फंसे
सीबीआई ने 27 अगस्त 2026 को राँची स्थित Regional Pay & Accounts Office, CISF, MHA में ट्रैप ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपी अधिकारियों को शिकायतकर्ता से 48,400 रुपये की रिश्वत की मांग और रकम स्वीकार करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
सीबीआई की प्रेस रिलीज के अनुसार, ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम 48,400 रुपये बरामद कर ली गई। इसके बाद तीनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
राँची और धनबाद में पांच ठिकानों पर छापेमारी
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने मामले की कड़ियां खंगालने के लिए आरोपियों से जुड़े राँची और धनबाद में कुल पांच स्थानों पर तलाशी ली। इन तलाशी अभियानों के दौरान मामले से संबंधित महत्वपूर्ण एवं आपत्तिजनक दस्तावेज तथा नकदी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
सीबीआई अब बरामद दस्तावेजों और नकदी के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रिश्वतखोरी का दायरा केवल इन तीन अधिकारियों तक सीमित था या इसमें किसी अन्य व्यक्ति अथवा अधिकारी की भी भूमिका थी।
28 अगस्त को कोर्ट में होगी पेशी
सीबीआई की आधिकारिक प्रेस रिलीज में बताया गया है कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को 28 अगस्त 2026 को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है।सीबीआई की इस कार्रवाई से CISF के संबंधित कार्यालय में भी हड़कंप मच गया है। खास बात यह है कि जिस रकम को लेकर कार्रवाई हुई, वह कोई बड़ी राशि नहीं थी, लेकिन बिलों के भुगतान और प्रसंस्करण के एवज में कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
सीबीआई की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

