जीवनसाथी ऐप पर प्यार का झांसा, फर्जी नेता ने शादी और FCI नौकरी के नाम पर युवती से ठगे 2 लाख
राँची। जीवनसाथी ऐप पर हुई एक दोस्ती किस तरह कथित ठगी के जाल में बदल गई, इसका मामला राजधानी राँची में सामने आया है। चर्च रोड की रहने वाली एक युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने खुद को रसूखदार राजनीतिक व्यक्ति और एक राष्ट्रीय पार्टी का केंद्रीय सचिव बताकर पहले उससे नजदीकी बढ़ाई। इसके बाद शादी और FCI में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब दो लाख रुपये ठग लिए। मामले में पीड़िता ने लोअर बाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है।
पीड़िता के मुताबिक उसकी पहचान जीवनसाथी ऐप के जरिए प्रीतम राज, पिता विनय भूषण प्रसाद सिन्हा, निवासी लखीसराय, बिहार से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को गुजरात के अहमदाबाद स्थित जय अंबे सिक्योरिटी सर्विसेस का मालिक बताया। साथ ही कथित तौर पर अपने बड़े राजनीतिक संपर्क और वीवीआईपी लोगों से पहचान होने का दावा किया।बातचीत धीरे-धीरे बढ़ी तो आरोपी राँची आया और यहां होटल ब्लूम और होटल स्टार समेत अलग-अलग होटलों में ठहरकर पीड़िता का विश्वास जीतने की कोशिश की।
‘ED ने मारा छापा’ की कहानी सुनाकर मांगे पैसे
शिकायत के अनुसार आरोपी ने एक दिन पीड़िता से कहा कि उसकी कंपनी पर ED का छापा पड़ा है। छापेमारी में कंपनी के जरूरी कागजात, लैपटॉप, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त कर लिए गए हैं। कथित परेशानी का हवाला देते हुए आरोपी ने पीड़िता से आर्थिक मदद मांगी।पीड़िता का आरोप है कि भरोसे में आकर उसने आरोपी को पैसे देने शुरू कर दिए। इसके बाद आरोपी ने उसे FCI में नौकरी लगवाने का झांसा दिया और नौकरी दिलाने के नाम पर भी रकम लेने लगा। पैसे कभी फोन-पे के जरिए तो कभी नकद लिए जाने का आरोप लगाया गया है।
आरोपी ने कथित तौर पर सिर्फ नौकरी का ही लालच नहीं दिया, बल्कि शादी की बात कहकर भी पीड़िता का भरोसा मजबूत किया। शिकायत में कहा गया है कि उसने अगस्त के अंत में अपने परिवार के राँची आने और दोनों परिवारों की मुलाकात कराने की बात कही थी।इसी दौरान 26 अगस्त को आरोपी ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर बताया कि उसके एक रिश्तेदार की मौत हो गई है, इसलिए परिवार की मुलाकात अगले दिन होगी।
अगले ही दिन फोन बंद, खुला ठगी का राज
पीड़िता के अनुसार इसके बाद अचानक आरोपी का मोबाइल फोन और व्हाट्सएप बंद हो गया। काफी प्रयास के बावजूद जब उससे संपर्क नहीं हुआ तो पीड़िता को संदेह हुआ। अपने स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद उसे कथित तौर पर पता चला कि उसके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई है।इसके बाद उसने लोअर बाजार थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। प्राथमिकी के आधार पर पुलिस अब आरोपी के दावों, पैसों के लेन-देन, मोबाइल और डिजिटल संपर्क समेत पूरे मामले की जांच कर रही है।पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि आरोपी ने खुद को राजनीतिक पदाधिकारी और कारोबारी बताकर जो पहचान बनाई थी, वह वास्तविक थी या कथित ठगी का हिस्सा। साथ ही FCI में नौकरी दिलाने के नाम पर लिए गए पैसों और अन्य लेन-देन का भी सत्यापन किया जाएगा।

