हजारीबाग में सरकारी-वन भूमि घोटाले पर ACB का शिकंजा, तीन जमीन विक्रेता गिरफ्तार

​हजारीबाग। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), हजारीबाग की विशेष छापेमारी टीम ने सरकारी और वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री तथा फर्जी दाखिल-खारिज मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

एसीबी द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी जमीन विक्रेता हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार है:

​विशेश्वर प्रजापति (उम्र 68 वर्ष), पिता- स्व० महावीर प्रजापति

शंकर प्रजापति (उम्र 62 वर्ष), पिता- स्व० महावीर प्रजापति

रामगति गुप्ता उर्फ रामगति प्रसाद (उम्र 61 वर्ष), पिता- स्व० रामेश्वर साव

​ये तीनों आरोपी हजारीबाग जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित नयाखाप टोला मुकुन्दगंज के निवासी हैं।

​क्या है पूरा मामला?

यह मामला एसीबी हजारीबाग थाना काण्ड संख्या 0-11/25 (दिनांक 25.09.2025) से संबंधित है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(d) और भारतीय दंड विधान की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120B के तहत मामला दर्ज है।आरोप है कि तत्कालीन अंचलाधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI), राजस्व उपनिरीक्षक (कर्मचारी) और स्थानीय भू-माफियाओं ने सांठ-गांठ कर वन भूमि, सरकारी जमीन तथा ‘गैरमजरूआ खास किस्म जंगल भूमि’ को अवैध तरीके से हासिल किया, उनकी बिक्री की और गलत तरीके से दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराया।

​पूर्व में भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

इस फर्जीवाड़े में शामिल तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) समेत अन्य सरकारी पदाधिकारियों, भू-माफियाओं, क्रेताओं और विक्रेताओं को पूर्व में भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

error: Content is protected !!