जमशेदपुर में दो अपराधियों का हाफ एनकाउंटर, पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश पड़ी भारी; दोनों शूटरों के पैर में लगी गोली
जमशेदपुर। जमशेदपुर में बुधवार की अहले सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव इलाके में करीब 3:30 बजे पुलिस ने बिंदल मॉल के उडीपी रेस्टोरेंट फायरिंग कांड में शामिल दो शूटरों का हाफ एनकाउंटर कर दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी है। घायल अपराधियों की पहचान मोहन यादव और अजीत मंडल के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है।
जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर को बिंदल मॉल स्थित उडीपी रेस्टोरेंट में हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में पुलिस ने मोहन यादव और अजीत मंडल को राँची से जमशेदपुर आते वक्त गुप्त सूचना पर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने हथियार छिपाने की जगह के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। इसके बाद बुधवार तड़के पुलिस टीम दोनों को हथियार बरामद करने के लिए सोनारी के फागु बाबा श्मशान घाट के पास मरीन ड्राइव इलाके में लेकर पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि दोनों अपराधियों ने पुलिस को हथियार छिपाने वाली जगह दिखाई। इसके बाद जैसे ही पुलिस टीम हथियार बरामद करने पहुंची, दोनों ने कथित तौर पर पुलिस पदाधिकारी का पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से करीब तीन-तीन राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है।
पुलिस की जवाबी गोलीबारी में अजीत मंडल के बाएं पैर और मोहन यादव के दाएं पैर में गोली लगी। गोली लगते ही दोनों वहीं गिर पड़े। पुलिस टीम ने दोनों को कब्जे में लिया और तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में सर्च अभियान भी चलाया।
बिंदल मॉल फायरिंग ने मचा दिया था हड़कंप
गौरतलब है कि 26 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे सोनारी के बिंदल मॉल स्थित एक रेस्टोरेंट में डोमिनिक सैमसन अपने परिचित रिजवान और दिलशान उर्फ दानिश के साथ नाश्ता कर रहे थे। इसी दौरान बाइक से पहुंचे तीन बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। बदमाशों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाई थीं।अचानक हुई गोलीबारी से मॉल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। फायरिंग में डोमिनिक सैमसन, रिजवान, दिलशान और कृष्णा चौधरी घायल हुए थे। सभी को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस मामले में पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, बुधवार तड़के दो मुख्य शूटरों के पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद बिंदल मॉल फायरिंग कांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। पुलिस अब हथियार, फायरिंग की पूरी साजिश और इस वारदात से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

