बीआईटी मेसरा में छात्र को लगा करंट, रात में सैकड़ों छात्रों ने घेरा कुलपति आवास, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राँची। बीआईटी मेसरा में मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब वालीबाल खेल रहे ईसीई विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र निशांत करंट की चपेट में आ गये। घटना के बाद छात्र आक्रोशित हो उठे और करीब 600 की संख्या में कुलपति इंद्रनील मन्ना के आवास के सामने पहुंचकर घेराव कर दिया। देर रात तक छात्र मौके पर जमे रहे और संस्थान की विद्युत एवं हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जमकर नारेबाजी की।बताया गया कि निशांत वालीबाल खेल रहे थे, इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गये। घटना के बाद आनन-फानन में उन्हें बीआईटी मेसरा की डिस्पेंसरी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद छात्र को हॉस्टल भेज दिया गया।
हॉस्टल पहुंचने के बाद निशांत की बेचैनी बढ़ने लगी। इसके बाद उसे मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने छात्र को आईसीयू में भर्ती कर उसकी निगरानी शुरू की। बताया गया कि छात्र की सभी जांच फिलहाल सामान्य आयी हैं। वह होश में है और चिकित्सकों ने उसकी स्थिति खतरे से बाहर बतायी है।
करंट की घटना से भड़का छात्रों का गुस्सा
छात्र के करंट की चपेट में आने की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकजुट हो गये। छात्रों ने संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाये। उनका आरोप था कि परिसर में विद्युत सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और प्रबंधन की लापरवाही के कारण छात्रों की जान जोखिम में पड़ रही है।छात्रों ने हॉस्टल के गीजर में भी करंट महसूस होने की शिकायत की। उनका कहना था कि यदि बिजली से जुड़े उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच नहीं हुई तो भविष्य में बड़ी घटना हो सकती है।
कुलपति आवास के बाहर देर रात तक प्रदर्शन
आक्रोशित छात्र समूह बनाकर कुलपति इंद्रनील मन्ना के आवास के सामने पहुंच गये। करीब 600 छात्रों के जुटने से परिसर में देर रात तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही। छात्र प्रबंधन से पूरे मामले पर जवाब मांगते रहे और विद्युत व्यवस्था की जांच कराने की मांग उठायी।छात्रों का कहना था कि संस्थान में पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने परिसर और हॉस्टल की विद्युत व्यवस्था की व्यापक जांच कराने तथा लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

