पलामू: पांकी के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आदिम जनजाति महिला की हत्या, पति पर ही शव छिपाकर भागने का आरोप

 

​पलामू।झारखण्ड के पलामू, चतरा और लातेहार के त्रिकोण जिले की सीमा पर बसे अति नक्सल प्रभावित इलाके पांकी से एक ऐसी ख़बर आई है, जिसने मानवीय रिश्तों को शर्मसार कर दिया है।
​करगढ़ पंचायत के मतनाग गाँव में, जहाँ महज़ दो आदिम जनजाति परिवार रहते हैं, वहाँ एक पति अपनी ही जीवनसंगिनी का ‘जल्लाद’ बन बैठा।मिली जानकारी के मुताबिक, महज़ दो साल पहले विकास नामक युवक का शादी इस आदिम जनजाति महिला से हुआ था। घने जंगलों के बीच बने इस एकांत आशियाने में दोनों साथ रहते थे। लेकिन किसे पता था कि इस सूनेपन का फायदा उठाकर विकास अपनी ही पत्नी की जान ले लेगा। आरोपी पति ने न सिर्फ़ महिला को बेरहमी से मौत के घाट उतारा, बल्कि गुनाह को छिपाने के लिए उसकी लाश को घर के अंदर ही डंप कर दिया।

इलाका न सिर्फ़ घने जंगलों से घिरा है, बल्कि यह धुर नक्सल प्रभावित ज़ोन भी है। जहाँ अमूमन पुलिस और प्रशासन का पहुँचना एक बेहद जोखिम भरा काम माना जाता है।​लेकिन वारदात की भनक लगते ही पांकी थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बिना वक़्त गंवाए मोर्चा संभाला। भारी पुलिस बल के साथ वे मौके पर पहुंचे। सन्नाटे को चीरती हुई पुलिस की गाड़ियां जब मतनाग पहुंचीं, तो ग्रामीणों के सहयोग से बंद घर के भीतर से महिला के शव को बरामद किया गया।

​थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच की हर सुई पति विकास की तरफ़ ही इशारा कर रही है। वारदात के बाद से ही आरोपी पति फरार है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस सुदूर इलाके में रहने वाली मृतका के नाम का अब तक सत्यापन नहीं हो पाया है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर जांच तेज़ कर दी है और जंगलों की ख़ाक छानते हुए फरार कातिल पति की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

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