जेएसएससी सचिव से सीआईडी की नॉन-स्टॉप पूछताछ: फाइलें खुलीं तो उलझे सुधीर गुप्ता, आगे भी बढ़ेगी जाँच की आँच

राँची। सीआईडी मुख्यालय में झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के सचिव सुधीर गुप्ता से कथित परीक्षा धांधली की ‘मास्टरकी’ की तलाश में जुटी सीआईडी टीम ने लगातार दूसरे दिन सुधीर गुप्ता को तीखे सवालों की कसौटी पर कसा, लेकिन सचिव का जवाब फिर असंतोषजनक ही रहा।
जाँच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो सीआईडी की टीम ने सुधीर गुप्ता के सामने पहले से जब्त फाइलों का अंबार लगाकर बैठना शुरू किया। सीआईडी ने परीक्षा संचालित करने वाली वेंडर एजेंसी के चयन, उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड, दस्तावेज सत्यापन, रोल नंबर जारी करने और परीक्षा हॉल में बैठाने तक की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा। अफसरों का सीधा सवाल था कि जब कागज़ों पर सुरक्षा का पहरा इतना तगड़ा था, तो फिर लीक और धांधली की गुंजाइश कहाँ से निकली? आखिर यह पूरी गड़बड़ी किसके इशारे और किसकी शह पर हुई?
जब-जब सीआईडी ने ‘क्यों’ और ‘कैसे’ पर जोर दिया, सुधीर गुप्ता के पास ठोस जवाब नहीं थे। परीक्षा की निगरानी से लेकर पूरी चयन प्रक्रिया तक, वे किसी भी सवाल पर जाँच अधिकारियों को संतुष्ट नहीं कर सके। राजा रानी कोठी में पूछताछ का यह दूसरा दौर भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन सीआईडी के पास सवालों की फेहरिस्त अभी लंबी है। सीआईडी आने वाले दिनों में सुधीर गुप्ता से फिर से कड़ाई से पूछताछ करेगी।

