योजनाओं का लालच, करोड़ों की रकम और फिर बंद हो गया दफ्तर… राँची में भी राधा स्वामी संगठन के 12 लोगों पर FIR

राँची। 40 से 90 फीसदी तक वाहन ईएमआई में छूट… कन्यादान योजना… करोड़पति बनने का सपना… एफएमसीजी कारोबार और छात्रवृत्ति का भरोसा। इन तमाम योजनाओं का लालच देकर लोगों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये जुटाने का मामला अब राजधानी राँची पहुंच गया है। राधा स्वामी संगठन से जुड़े 12 नामजद लोगों के खिलाफ जगन्नाथपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आरोप है कि योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर रकम जमा कराई गई, लेकिन बाद में न योजना का लाभ मिला, न वाहन की ईएमआई जमा हुई और न ही पैसा वापस किया गया।मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

ईएमआई में 90 फीसदी तक छूट का सपना दिखाया

शिकायतकर्ता डॉ. संतोष कुमार के अनुसार, हटिया स्थित राधास्वामी संगठन के प्रदेश कार्यालय से कई योजनाओं का प्रचार किया जाता था। लोगों को बताया जाता था कि वाहन खरीदने पर उनकी ईएमआई में 40 से 90 फीसदी तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा कन्यादान, करोड़पति, एफएमसीजी और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के जरिए भी लोगों को संगठन से जोड़ने का आरोप है।आरोप है कि योजनाओं को भरोसेमंद दिखाने के लिए बड़े लोगों और चर्चित चेहरों से जुड़े वीडियो भी लोगों को दिखाए जाते थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की मौजूदगी वाले वीडियो दिखाकर लोगों के बीच संगठन को लेकर विश्वास पैदा किया जाता था।

पासबुक दिखाकर कहा- पैसा पूरी तरह सुरक्षित है

शिकायत के मुताबिक, लोगों का भरोसा जीतने के लिए RSABN NIDHI LIMITED के बैंक बचत खाते की पासबुक तक दिखाई जाती थी। कथित तौर पर यह बताया जाता था कि संगठन का अपना बैंकिंग सिस्टम है और लोगों का पैसा सुरक्षित है।वाहन योजना में तो लोगों को यह तक भरोसा दिलाया गया कि बैंक से वाहन खरीदने के बाद उसकी निर्धारित ईएमआई संगठन की ओर से जमा की जाएगी। इन दावों पर भरोसा कर कई लोगों ने नकद के अलावा ऑनलाइन और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए RSOG Foods Cosmetic Pvt. Ltd. के विभिन्न खातों में रकम जमा की।शिकायत के साथ रकम जमा करने वाले लोगों की सूची, जमा राशि और बैंक ट्रांजेक्शन का विवरण भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

ईएमआई रुकी तो खुलने लगा कथित खेल

शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब वाहन की ईएमआई का भुगतान बंद हुआ तो उसने संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क किया। आरोप है कि उस समय भी लोगों को यह कहकर भरोसा दिलाया जाता रहा कि संगठन को केंद्र और विभिन्न राज्यों की सरकारी योजनाओं से जल्द राशि मिलने वाली है और पैसा आते ही सभी की ईएमआई चुका दी जाएगी।लेकिन इसी बीच करीब दो महीने के भीतर प्रदेश कार्यालय बंद हो गया। आरोप है कि इसके बाद संगठन के प्रमुख लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो गया और बिनू साहू कार्यालय में भी उपलब्ध नहीं हुए।

पैसे मांगे तो कथित तौर पर धमकी और गाली-गलौज

मामला यहीं नहीं रुका। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम वापस मांगने और ईएमआई भुगतान को लेकर सवाल करने पर उसके साथ कथित तौर पर धमकी दी गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत लोगों से रकम ली गई और बाद में पैसा लौटाने के बजाय उन्हें धमकाया गया। पुलिस ने अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

12 नामजद, अलग-अलग पदों पर होने का दावा

जगन्नाथपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में बिनू साहू, शकुंतला कुमारी, दीपक कुमार शर्मा, दीपक शर्मा, रश्मि कुमारी, अरुण कुमार प्रजापति, मुकेश सिन्हा, अनीषा सिन्हा, जूली सिन्हा, सतीश कुमार शर्मा, काजल श्रीवास्तव और गौरव श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।शिकायत में आरोपियों को संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मीडिया प्रभारी, केंद्रीय जोनल प्रभारी और सीईओ समेत अलग-अलग पदों पर बताया गया है।

पुलिस ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर अशोक प्रसाद को सौंपी है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित योजनाओं के नाम पर कितने लोगों से कितनी रकम ली गई, रकम किन खातों में गई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

error: Content is protected !!