JPSC-JSSC विवाद पर भाजयुमो का सरकार पर हमला, 10 अगस्त के विधानसभा घेराव को समर्थन

राँची। झारखण्ड में सरकारी नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने JPSC और JSSC की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजयुमो ने आगामी 10 अगस्त को छात्रों द्वारा प्रस्तावित विधानसभा घेराव को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष शशांक राज ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रोजगार युवाओं का अधिकार है, किसी सरकार की कृपा नहीं। उनके अनुसार नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों ने राज्य के युवाओं के बीच अविश्वास की स्थिति पैदा कर दी है।

CID जांच को बताया महज औपचारिकता
शशांक राज ने JPSC प्रकरण में चल रही CID जांच और चेयरमैन के इस्तीफे को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे महज “आई-वॉश और राजनीतिक स्टंट” करार देते हुए कहा कि युवा अब किसी तरह के छलावे में आने वाले नहीं हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि JPSC और JSSC नियुक्तियों से जुड़े तमाम आरोपों की CBI जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय लेन-देन की पुष्टि होती है, तो दोषी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बारिश में धरने पर बैठे छात्रों का दिया हवाला
शशांक राज ने कहा कि पिछले करीब 15 दिनों से छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बारिश और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है।उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन इस बात का संकेत है कि नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं में कितना आक्रोश है। भाजयुमो ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के आंदोलन में उनके साथ खड़ा रहेगा और 10 अगस्त के विधानसभा घेराव में कंधे से कंधा मिलाकर भाग लेगा।

नीचे से ऊपर तक लेन-देन की हो जांच’
प्रेस वार्ता में शशांक राज ने अभय तिवारी द्वारा कथित रूप से पैसे के बंदरबांट की बात स्वीकार किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में नीचे से ऊपर तक पैसे के लेन-देन की पुष्टि होती है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर पूरी सच्चाई जनता के सामने लाना जरूरी है।उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सरकार युवाओं के भविष्य और नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर गंभीर है तो बिना किसी राजनीतिक दबाव के CBI जांच की अनुशंसा करे। साथ ही उन्होंने सरकार से छात्रों के आंदोलन को गंभीरता से लेने और नियुक्ति विवाद का निष्पक्ष समाधान निकालने की मांग की।

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