रामगढ़ में पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: मुठभेड़ में अपराधी घायल, गैंगवार की साजिश नाकाम, हथियारों का जखीरा बरामद

रामगढ़।झारखण्ड के रामगढ़ जिले में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते विफल कर दिया। रामगढ़, राँची और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात गैंग से जुड़े अपराधियों की गतिविधियों पर बड़ी चोट पहुंची है। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक अपराधी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कुख्यात अपराधी नेटवर्क प्रिंस खान और सुजीत सिन्हा गैंग से जुड़े लोगों की गतिविधियों की गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीमों ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों को दबोचने की कोशिश की।
छापेमारी के दौरान भुरकुंडा निवासी कुख्यात अपराधी शिवराज राम उर्फ शिवा डोम को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बड़े गैंग के इशारे पर किसी बड़ी वारदात की तैयारी में था।इसी दौरान जब पुलिस उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद करने पहुंची, तो उसने छिपाकर रखी पिस्टल से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। स्थिति को नियंत्रित करते हुए पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली उसके पैर में लग गई। घायल अपराधी को तुरंत रिम्स,राँची रेफर किया गया है।
मुर्गी फार्म में छिपे थे हथियार, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
इस ऑपरेशन के दूसरे हिस्से में कुज्जू ओपी पुलिस ने आरिज आलम उर्फ टिंकल को भी गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर जब तलाशी ली गई तो मुर्गी पालन वाले कमरे से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।बरामद हथियारों में देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस शामिल हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि ये हथियार बड़े अपराध को अंजाम देने के लिए रखे गए थे।
पुलिस ने इस संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त किए—
04 देशी पिस्टल
08 मैगजीन
82 जिंदा कारतूस
01 होल्स्टर
03 मोबाइल फोन
संयुक्त पुलिस टीम की बड़ी सफलता
इस पूरे अभियान में रामगढ़, राँची और धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस की तत्परता और रणनीतिक कार्रवाई से एक बड़े अपराध नेटवर्क की साजिश को समय रहते रोक दिया गया।फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मामले की जांच तेज कर दी गई है और फॉरेंसिक टीम को भी साक्ष्य संकलन के लिए लगाया गया है।

