राजधानी राँची में साइबर ठगी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, 10 आरोपी गिरफ्तार; मुख्य सरगना फरार, 8 लाख नकद समेत 36 मोबाइल और 32 ATM कार्ड बरामद

–पैसों के विवाद में गिरोह के भीतर पड़ी फूट, अंदरखाने से पुलिस तक पहुंची सूचना; पराशर और मालती अपार्टमेंट में दो टीमों ने की छापेमारी, नाबालिग भी पकड़ा गया

राँची। राजधानी राँची में किराये के फ्लैटों में बैठकर कथित तौर पर संगठित तरीके से साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र और पंडरा ओपी क्षेत्र के पिस्का मोड़ के आसपास स्थित पराशर अपार्टमेंट तथा जतरा मैदान के निकट मालती अपार्टमेंट में पुलिस की छापेमारी से इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। राँची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग बालक को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने मौके से 7 लाख 98 हजार 100 रुपये नकद, 36 मोबाइल फोन, 32 एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। वहीं, गिरोह का कथित मुख्य सरगना और उसके कुछ साथी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

गिरोह में पैसों को लेकर विवाद, फिर पुलिस तक पहुंची सूचना
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले के खुलासे के पीछे गिरोह के भीतर हुआ पैसों का विवाद अहम कड़ी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि गिरोह के कुछ सदस्यों के बीच पैसे के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद गिरोह के भीतर की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों तक पहुंची। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया और कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम, दो जगह एक साथ छापेमारी
राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को 13 अक्टूबर 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र और पंडरा ओपी क्षेत्र के पिस्का मोड़ के आसपास स्थित किराये के फ्लैटों में कुछ लोग संगठित रूप से साइबर ठगी का काम कर रहे हैं। सूचना में पराशर अपार्टमेंट और जतरा मैदान के निकट स्थित मालती अपार्टमेंट का जिक्र था।सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए सिटी एसपी पारस राणा के निर्देशन में सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली निखिल राय के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो टीमों के माध्यम से छापेमारी की और कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से एक नाबालिग को भी पकड़ा गया।
बुधवार, 14 अक्टूबर को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी एसपी पारस राणा ने कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेजों, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए गिरोह के काम करने के तरीके तथा उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

छापेमारी की भनक लगते ही फरार हुआ कथित सरगना!
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छापेमारी की भनक लगने के बाद गिरोह का कथित मुख्य सरगना अपने दो-तीन साथियों के साथ फरार हो गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस बात की जांच महत्वपूर्ण होगी कि गिरोह के तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं, बरामद बैंक खातों और एटीएम कार्डों का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया तथा ठगी की रकम किन खातों में पहुंचाई जाती थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

7.98 लाख नकद, 36 मोबाइल और 32 एटीएम कार्ड बरामद

राँची पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान जब्त किए गए हैं—
नकद राशि: 7,98,100 रुपये
विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन: 36
लैपटॉप: 1
विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड: 32
बैंक पासबुक: 5
चेकबुक: 1
विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड: 5
अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड: 12
माइक्रो एसडी कार्ड: 1
नाम, मोबाइल नंबर और कथित हिसाब-किताब दर्ज नोटबुक: 25
एयरटेल पेमेंट बैंक के स्मार्ट स्पीकर/रिसीवर उपकरण: 2
ड्राइविंग लाइसेंस: 3
एनपीएस प्रान कार्ड: 1
पैन कार्ड: 8
पल्सर मोटरसाइकिल: 1

बरामदगी में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और नोटबुक मिलने से जांच के कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं। पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर साइबर ठगी से जुड़े संभावित लेन-देन, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का पता लगाने में जुटी है। हालांकि, बरामद सामान का इस्तेमाल किस-किस ठगी में हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

पलामू और गढ़वा जिले के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
रितिक कुमार सिंह, निवासी कुमराडीह, थाना तरहसी, जिला पलामू।
अजीत कुमार मेहता उर्फ अजित कुमार कुशवाहा, निवासी हारुडीह, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू।
सूरज कुमार सिंह, निवासी छकनाडीह, थाना तरहसी, जिला पलामू।
अमनदीप कुमार, निवासी सेलारी, थाना तरहसी, जिला पलामू।
सूरजदेव कुमार, निवासी उचरी, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा।
अमित रंजन, निवासी ओरियाकला, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू।
अविनाश कुमार, निवासी साहदु, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू।
राजकमल वर्मा, निवासी मोरिया कला, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू।
रंजीत कुमार, निवासी ओरिया, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू।
सत्यम कुमार वर्मा, निवासी महाराजा, थाना लेस्लीगंज, जिला पलामू।पुलिस ने एक नाबालिग बालक को भी पकड़ा है, मामले में सभी आरोपियों की भूमिका और बरामद सामान से उनके संबंधों की जांच की जा रही है।

इन पुलिस अधिकारियों ने संभाली कार्रवाई की कमान
विशेष छापेमारी दल का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली निखिल राय ने किया। टीम में सुखदेवनगर थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी सनोज कुमार चौधरी, पंडरा ओपी प्रभारी विवेक कुमार, चंदन पांडेय, सचिन मिश्रा, राहुल मेहता, प्रदीप कुमार राय और शंकर टोप्पो शामिल थे। इसके अतिरिक्त महिला एवं पुरुष सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी छापेमारी दल का हिस्सा थे।

साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज
इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 252/26, दिनांक 14 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(ii), 317(2), 319(2), 336(3), 338, 340(2) एवं 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(बी), 66(सी) और 66(डी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

राँची पुलिस की आम लोगों से अपील
राँची पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अनजान व्यक्तियों के फोन पर लोन, नौकरी या अन्य आकर्षक प्रलोभनों में आकर ओटीपी, एटीएम कार्ड का विवरण, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद पुलिस की नजर फरार कथित सरगना और उसके साथियों पर है। बरामद मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच से गिरोह के नेटवर्क तथा संभावित ठगी के मामलों के संबंध में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

 

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