सड़क के गड्ढे में फंसा स्कूली बच्चों से भरा ऑटो, ‘सिस्टम’ को जगाने वाली तस्वीर आई सामने

सरायकेला/चौका। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और स्कूल बैग होने चाहिए, उसी उम्र में गुरुवार की सुबह उन्हें ऑटो को धक्का लगाते देखा गया। वजह थी सड़क की बदहाली। ईचागढ़ प्रखंड के पुरानडीह मोड़ से खोखरो गांव तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों ने स्कूली बच्चों को मुसीबत में डाल दिया।गुरुवार सुबह बच्चों को स्कूल लेकर जा रहा एक ऑटो सड़क के गहरे गड्ढे में फंस गया। चालक ने काफी कोशिश की, लेकिन ऑटो का पहिया गड्ढे से बाहर नहीं निकल सका। आखिरकार बच्चों को वाहन से उतरना पड़ा। इसके बाद नन्हे हाथों ने मिलकर ऑटो को धक्का लगाया और किसी तरह उसे गड्ढे से बाहर निकाला।

बच्चों के ऑटो को धक्का लगाने की यह तस्वीर अब बदहाल सड़क और सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल पहुंचकर पढ़ाई करनी चाहिए, लेकिन खराब सड़क की वजह से उन्हें रास्ते में ही परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों को आशंका है कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

पुरानडीह मोड़ से खोखरो गांव तक सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ स्कूली वाहनों को भी इस रास्ते से गुजरने में भारी परेशानी होती है।
गुरुवार को भी इसी बदहाल सड़क ने स्कूली बच्चों को बीच रास्ते में रोक दिया। ऑटो का पहिया गड्ढे में फंसने के बाद बच्चों को नीचे उतरकर वाहन को धक्का लगाना पड़ा।स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर दिन-रात बालू लदे हाइवा समेत भारी वाहनों का परिचालन होता है। लगातार भारी वाहनों के दबाव से सड़क कई जगह टूट चुकी है और गड्ढे लगातार गहरे होते जा रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से बालू लदे भारी वाहनों के परिचालन पर नियंत्रण लगाने के साथ सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क की हालत ऐसी ही रही तो अगली बार किसी ऑटो को गड्ढे से निकालने के लिए बच्चों के नन्हे हाथ नहीं, बल्कि प्रशासन को आगे आना पड़ेगा।

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