फर्जी कंपनियों के नाम पर 2.64 करोड़ का कोयला उठाकर गबन का आरोप, फरार आरोपी अजीत गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

 

धनबाद। धनबाद में करोड़ों रुपये के कोयला गबन के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को बैंकमोड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मटकुरिया, कतरास रोड निवासी अजीत कुमार उर्फ अजीत कुमार पटेल पर आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियों के नाम पर 2 करोड़ 64 लाख 49 हजार 964 रुपये का कोयला उधार में उठाया और बाद में उसका भुगतान करने के बजाय पूरी रकम का गबन कर लिया।पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को धनबाद कोर्ट में पेश किया। मामले की सुनवाई करते हुए धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने अजीत कुमार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

भरोसा जीतकर उधार में उठाया करोड़ों का कोयला
मामले में बासुदेवा, फ्यूल्स एंड लाइम कंपनी के प्रतिनिधि अब्दुल वाहिद अंसारी की शिकायत पर बैंकमोड़ थाना में 12 जुलाई 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में ठगी, धोखाधड़ी और रकम गबन करने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2022 में अजीत कुमार कंपनी के रतनजी रोड स्थित कार्यालय पहुंचा था। वहां उसने कंपनी के साझेदार प्रकाश अग्रवाल और अनिल अग्रवाल से मुलाकात कर खुद को कोयला कारोबारी बताया। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह अलग-अलग कंपनियों को कोयला उपलब्ध कराता है और यदि उसे एक माह की उधारी पर कोयला दिया जाए तो तय समय पर पूरा भुगतान कर देगा।आरोपी की बातों और उसके द्वारा जताए गए भरोसे के आधार पर कंपनी ने अलग-अलग तारीखों में उसे भारी मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया। इसकी कुल कीमत 2,64,49,964 रुपये बताई गई है।

जिन कंपनियों के नाम बताए, वे ही निकलीं फर्जी
प्राथमिकी में गंभीर आरोप लगाया गया है कि अजीत कुमार ने जिन कंपनियों के नाम पर कोयला उठाया, जांच के दौरान वे कंपनियां अस्तित्वहीन अथवा फर्जी पाई गईं। आरोप है कि इन कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर आरोपी ने कंपनी से करोड़ों रुपये का कोयला हासिल किया।कोयला लेने के बाद जब भुगतान का समय आया तो आरोपी ने कंपनी की रकम वापस नहीं की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने कोयला बेचकर प्राप्त रकम को अपने पास रख लिया और कंपनी को करीब 2.64 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

वारंट निकलने के बाद पुलिस ने दबोचा
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। मामले के अनुसंधानकर्ता श्रीनिवास राव ने वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 11 अगस्त 2026 को आरोपी के खिलाफ अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया।वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की और आखिरकार अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे शनिवार को धनबाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

पुलिस अब मामले में आरोपी से जुड़े लेन-देन, कथित फर्जी कंपनियों और करोड़ों रुपये के कोयला कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई अनुसंधान के आधार पर की जाएगी।

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