चन्द्रपुरा में खूनी रात का रहस्य गहराया: दंपति की हत्या, बेटा घायल… फॉरेंसिक-टेक्निकल टीम जुटी, हमलावरों के सुराग तलाश रही पुलिस
बोकारो। झारखण्ड के बोकारो जिले के चंद्रपुरा की शांत आवासीय कॉलोनी में गुरुवार की रात चली गोलियों ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों को निशाना बनाकर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में दंपति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा रोहित सिन्हा गंभीर रूप से घायल है। उसे बोकारो जनरल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को उसका सीटी स्कैन भी कराया गया।वारदात के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस परिवार को किस वजह से निशाना बनाया गया? पुलिस की जांच में फिलहाल जमीन विवाद और लेनदेन से जुड़े विवाद के पहलू सामने आए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में गोलीकांड की असली वजह को लेकर सस्पेंस बरकरार है।
सुबह होते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, फॉरेंसिक टीम ने खंगाला घर
वारदात के बाद शुक्रवार की सुबह एसडीपीओ रवींद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। घर के अंदर से लेकर बाहर तक बारीकी से जांच की गई। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल के अलग-अलग हिस्सों से साक्ष्य जुटाए।पुलिस की जांच अब सिर्फ घटनास्थल तक सीमित नहीं है। आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटाई जा रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद संभावित सुरागों, लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
गोलियों की गूंज के पीछे कौन-सा राज?
जांच में जमीन विवाद और लेनदेन से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि परिवार का किसी व्यक्ति या समूह से हाल के दिनों में कोई विवाद था या नहीं।हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गोलीकांड की वजह जमीन थी, आर्थिक लेनदेन था या इसके पीछे कोई दूसरा विवाद। यही वजह है कि जांच के हर संभावित एंगल को खुला रखा गया है।
पुलिस इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुटी है।क्या हमलावर पहले से परिवार को जानते थे,क्या उन्हें घर के लोगों की गतिविधियों की जानकारी थी, वारदात के बाद वे किस रास्ते से भागे और आखिर गोली चलाने की वजह क्या थी?
35 साल से चंद्रपुरा में रह रहा था परिवार
मृतक नरेश सिन्हा मूल रूप से बोधगया के रहने वाले बताए जाते हैं। वह करीब 35 वर्षों से चंद्रपुरा में रह रहे थे। बताया गया है कि उन्होंने चंद्रपुरा प्लांट में एक कंपनी में रिगर के पद पर काम किया और वर्ष 2017 तक सेवा में रहे।नरेश सिन्हा के एक बेटा और एक बेटी बाहर रहते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों चंद्रपुरा पहुंच रहे हैं। परिवार के सदस्यों के पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहा रोहित
गोलीकांड में घायल रोहित सिन्हा की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसका बोकारो जनरल अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। शुक्रवार को उसका सीटी स्कैन कराया गया। पुलिस की जांच में घायल रोहित का बयान भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह इस हमले से जुड़े कई सवालों का जवाब दे सकता है।
पुलिस ने बढ़ाई चौकसी, हमलावरों की तलाश तेज
घटना के बाद चंद्रपुरा की आवासीय कॉलोनी और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस अपराधियों की तलाश में अलग-अलग टीमों के जरिए काम कर रही है।फिलहाल इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी कई सवालों में उलझी हुई है। एक परिवार पर गोलियों की बौछार क्यों की गई, हमलावर कौन थे और उनके निशाने पर यही परिवार क्यों था।इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों से मिलने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा।

