कोडरमा घाटी में 15 घंटे तक जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक…25 KM तक वाहनों की कतार, रातभर सड़क पर भूखे-प्यासे फंसे रहे हजारों यात्री; NHAI के अधिकारी नदारद
कोडरमा।राँची-पटना मार्ग की लाइफलाइन कही जाने वाली कोडरमा घाटी में बदहाल सड़क और बीच रास्ते वाहनों के खराब होने से ऐसा महाजाम लगा कि करीब 15 घंटे तक हजारों वाहनों के पहिये थमे रहे। रविवार शाम से सोमवार सुबह तक घाटी में आवागमन लगभग पूरी तरह ठप रहा। करीब 25 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत हजारों यात्री रातभर सड़क पर फंसे रहे। सबसे गंभीर बात रही कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कोई अधिकारी मौके पर हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचा। दूसरी ओर, कोडरमा थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ पूरी रात घाटी में डटे रहे और जाम हटवाने के लिए मशक्कत करते रहे।
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 9 बजे नवां माइल घाटी के पास एक ट्रेलर और ट्रक के ब्रेकडाउन होने से जाम की स्थिति बनने लगी। किसी तरह दोनों वाहनों को हटाकर आवागमन बहाल कराया गया। लेकिन शाम करीब 4 बजे जमसोती नाला के पास एक ट्रक का टायर अचानक ब्लास्ट हो गया। ट्रक बीच घाटी में ही फंस गया। इसके बाद देखते ही देखते दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतार लग गई।
घाटी की बदहाल सड़क और सड़क के दोनों किनारों पर बने गहरे गड्ढों के कारण दूसरे वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। नतीजा यह हुआ कि कुछ ही देर में पूरा मार्ग जाम की चपेट में आ गया। धीरे-धीरे स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।
25 किलोमीटर तक वाहनों की कतार, रातभर परेशान रहे यात्री
जाम का असर इतना व्यापक था कि घाटी के दोनों छोर पर करीब 25 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। बिहार से राँची और राँची से बिहार आने-जाने वाले हजारों लोग घंटों सड़क पर फंसे रहे। कई यात्री ऐसे थे जिन्हें रातभर अपने वाहनों में ही गुजारनी पड़ी। जाम में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। लंबे समय तक यातायात ठप रहने से लोगों को खाने-पीने और पेयजल जैसी बुनियादी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसे कई वाहन चालकों ने रास्ता बदलना ही बेहतर समझा। बिहार से राँची आने वाले कई वाहनों को पटना-गया-बरही मार्ग से होकर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। इससे यात्रियों को अतिरिक्त दूरी और समय की परेशानी झेलनी पड़ी।
रातभर मोर्चे पर डटे रहे थाना प्रभारी, क्रेन से हटवाए गए वाहन
जाम की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ पूरी रात घाटी में डटे रहे। पुलिस ने क्रेन मंगवाकर खराब और रास्ते में फंसे वाहनों को हटवाने का प्रयास किया। साथ ही जाम में फंसे यात्रियों के लिए पेयजल आदि की व्यवस्था भी कराई गई। पुलिसकर्मियों ने रातभर कड़ी मशक्कत कर धीरे-धीरे वाहनों को निकालने और यातायात बहाल कराने का प्रयास जारी रखा।लगातार प्रयास के बाद आज सोमवार सुबह करीब 7 बजे घाटी में यातायात सामान्य हो सका। इस तरह रविवार शाम से शुरू हुई जाम की समस्या ने यात्रियों को करीब 15 घंटे तक हलकान रखा।
बदहाल सड़क पर NHAI की चुप्पी से उठे सवाल
कोडरमा घाटी राँची-पटना मार्ग का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। इसके बावजूद घाटी की सड़क की स्थिति लंबे समय से सवालों के घेरे में है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी सड़क और किनारों पर बने खतरनाक गड्ढों के कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त या खराब होते रहते हैं। ऐसे में किसी एक वाहन के खराब होने पर पूरे मार्ग का यातायात प्रभावित हो जाता है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि सड़क की समय पर मरम्मत नहीं होने और जाम से निपटने के लिए स्थायी व्यवस्था के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार पैदा हो रही है। रविवार से सोमवार तक हजारों यात्रियों को हुई परेशानी के दौरान NHAI के किसी अधिकारी का मौके पर नहीं पहुंचना भी लोगों के आक्रोश का कारण बना।

