गम्हरिया थाना दुष्कर्म कांड में पुलिस महकमे में भूचाल…. 15 पुलिसकर्मी सस्पेंड, ओडी अधिकारी-मुंशी समेत कई जेल में…

 

सरायकेला। झारखण्ड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ दुष्कर्म के गंभीर आरोप ने पूरे पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जिस थाने में एक महिला अपने पति से विवाद के बाद सुरक्षा और मदद की गुहार लेकर पहुंची थी, उसी थाने में एक पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में कार्रवाई का सिलसिला तेज हो गया है।

अब इस प्रकरण में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही निलंबित पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। वहीं, ओडी (ऑफिसर ऑन ड्यूटी) अधिकारी और मुंशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।। इससे पहले मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। यानी अब मामला केवल एक पुलिसकर्मी पर लगे दुष्कर्म के आरोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका और कथित लापरवाही की भी जांच हो रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, घटना 29 अक्टूबर की रात की है। गम्हरिया थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला का शाम करीब छह बजे अपने पति के साथ विवाद हुआ था। उसे आशंका थी कि पति रात में उसके साथ मारपीट कर सकता है। इसके बाद महिला ने पड़ोसी के घर शरण ली और मोबाइल फोन के जरिए पुलिस से मदद मांगी।सूचना मिलने पर पुलिस की पीसीआर वैन महिला को थाने लेकर पहुंची। रात अधिक होने के कारण उसे थाना परिसर में ही आराम करने के लिए एक कमरा उपलब्ध कराया गया। आरोप है कि इसी दौरान थाने में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने महिला को कमरे में पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आरोप है कि घटना के बाद महिला को डराया-धमकाया गया और उसे मायके चले जाने की सलाह दी गई। अगले दिन महिला अपने पति के संपर्क में आई और घर पहुंचकर उसे पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद 30 अक्टूबर को महिला ने गम्हरिया थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

महिला के आवेदन पर गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के कमरे से घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी ने सरायकेला एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की। टीम ने थाना परिसर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित कमरे को सील कर दिया, ताकि साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके।

जांच का दायरा केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रखा गया है। घटना के समय थाने में कौन-कौन पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे, महिला को कमरे में किसके निर्देश पर ठहराया गया, घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई और पीड़िता की शिकायत सामने आने तक पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका रही, इन तमाम पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

ताजा कार्रवाई में दो सब-इंस्पेक्टर, चार असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, दो हवलदार और एक कांस्टेबल समेत नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इससे पहले थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई थी।

इस तरह अब तक कुल 15 पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं। निलंबित कर्मियों में मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा भी शामिल है। थाने के लगभग पूरे स्टाफ पर कार्रवाई होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

ओडी अधिकारी और मुंशी भी गिरफ्तार, जेल भेजे गए

इस मामले में सामने आए ताजा घटनाक्रम के अनुसार, ओडी अधिकारी और मुंशी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इससे पहले वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।ओडी अधिकारी और मुंशी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। अब यह भी जांच का विषय है कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी किस तरह निभाई और घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

एसपी ने संभाली कमान, थाने में अतिरिक्त सीसीटीवी लगाने की तैयारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी ने खुद गम्हरिया थाना पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ जांच की समीक्षा की। थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस थाने में महिला अपनी सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंची थी, वहां उसके साथ ऐसी घटना कैसे हुई? क्या घटना के समय मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी थी? और यदि जानकारी थी तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

15 पुलिसकर्मियों के निलंबन और कई पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। अब सबकी नजर एसआईटी की जांच पर है। जांच में यदि किसी अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता, लापरवाही या साक्ष्य छिपाने की भूमिका सामने आती है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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