राँची में चेन स्नेचिंग पर पुलिस का शिकंजा, हॉटस्पॉट चिन्हित कर तैनात होगी सादे लिबास में पुलिस,SIT गठित

राँची राजधानी में लगातार सामने आ रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर अब रांची पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार किया है। चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और पुराने मामलों के त्वरित उद्भेदन को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में पुलिस अधिकारियों की अहम बैठक हुई। बैठक में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के पुलिस अधिकारियों और सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में चेन स्नेचिंग की घटनाओं के पैटर्न, अपराधियों के संभावित रूट, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट, संवेदनशील इलाके और तकनीकी साक्ष्यों की समीक्षा की गई। पुलिस ने अब चेन स्नेचरों तक पहुंचने के लिए फील्ड पुलिसिंग के साथ CCTV और तकनीकी निगरानी को भी हथियार बनाने की रणनीति तैयार की है।

चेन स्नेचिंग के हॉटस्पॉट पर सादे लिबास में पुलिस

पुलिस ने शहर में चेन स्नेचिंग के हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित करने का निर्देश दिया है। इन इलाकों में नियमित पुलिस गश्ती के साथ सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और वारदात को अंजाम देने से पहले ही उन्हें पकड़ा जा सके।बाजार, चौक-चौराहों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और खासकर महिलाओं की आवाजाही वाले प्रमुख इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी और गश्ती बढ़ाई जाएगी।

पुराने मामलों की खुलेगी फाइल, CCTV से खंगाला जाएगा रूट

बैठक में पूर्व में हुई चेन स्नेचिंग की घटनाओं का केसवार और स्थानवार विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाएगी कि अलग-अलग घटनाओं में अपराधियों ने किस तरीके का इस्तेमाल किया, वारदात के बाद किस रास्ते से भागे और किन स्थानों को एग्जिट प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल किया।

घटनास्थल से लेकर अपराधियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को व्यवस्थित तरीके से खंगालने का निर्देश दिया गया है। जहां CCTV कैमरे नहीं हैं, वहां स्थानीय स्तर पर कैमरे लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।

चेन स्नेचरों के लिए SIT गठित

चेन स्नेचिंग के मामलों के त्वरित उद्भेदन के लिए SIT का गठन किया गया है। SIT पुराने मामलों को भी खंगालेगी और वारदातों में शामिल अपराधियों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई करेगी।वहीं, टेक्निकल सेल को CCTV फुटेज, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान करने तथा उनके नेटवर्क तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई है।

पुराने अपराधियों की प्रोफाइलिंग, जेल से बाहर आए अपराधियों पर नजर

पुलिस अब चेन स्नेचिंग या इसी तरह के अपराधों में पहले शामिल रहे अपराधियों की प्रोफाइलिंग और सत्यापन भी करेगी। जेल से बाहर आए ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है, जिनका पूर्व में इस तरह के अपराधों से संबंध रहा है।

इसके साथ ही अपराधियों के संभावित रूट पर वाहन चेकिंग और पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने की भी रणनीति बनाई गई है। जरूरत के अनुसार संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।

हर घटना पर तत्काल FIR और गिरफ्तारी का निर्देश

वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि चेन स्नेचिंग की किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाए। तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने, वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की दिशा में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि अपराध नियंत्रण के लिए फील्ड पुलिसिंग, तकनीकी निगरानी और पूर्व अपराधियों के सत्यापन को एक साथ जोड़कर काम किया जाए। पुराने मामलों का जल्द से जल्द उद्भेदन करते हुए चेन स्नेचिंग में शामिल अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।

बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक नगर, पुलिस उपाधीक्षक सदर और सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।

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