आधी रात सड़क पर उतरे वित्त मंत्री, डेढ़ घंटे चला जांच अभियान… कोयला, गिट्टी, लकड़ी और स्क्रैप लदे 4 ट्रक पकड़े
पलामू। अवैध खनन और खनिजों की तस्करी की शिकायतों के बीच झारखण्ड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सोमवार की देर रात अचानक सड़क पर उतर गए। अपने विधानसभा क्षेत्र छतरपुर में मंत्री करीब रात 11:15 बजे सदमा स्थित महेंद्र एग्रो पेट्रोल पंप के पास एनएच-139 पर टीम और जीएसटी अधिकारियों के साथ पहुंचे और वाहनों की अचानक जांच शुरू कर दी। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस अभियान में कोयला, गिट्टी, लकड़ी और स्क्रैप लदे चार ट्रक पकड़े गए। सभी वाहनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मंत्री के अचानक सड़क पर उतरकर जांच शुरू करने की सूचना मिलते ही अवैध खनन और खनिज परिवहन से जुड़े लोगों में हलचल मच गई। जांच के दौरान जिन वाहनों के कागजात सही पाए गए, उन्हें जांच के बाद जाने दिया गया। वहीं संदिग्ध वाहनों को रोककर उनके दस्तावेजों और लदे खनिज की जांच की गई।
बिहार-यूपी भेजे जा रहे अवैध कोयले की मिली थी सूचना
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि उन्हें लगातार सूचना मिल रही थी कि बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से कोयला ट्रकों में लोड कर बिहार और उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर उन्होंने अचानक जांच अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के सड़क किनारे दूर खड़े होकर मंत्री और उनकी टीम की गतिविधियों पर नजर रखने की बात भी सामने आई। बताया गया कि आने वाले कुछ ट्रकों को कार्रवाई की सूचना मिल गई, जिसके बाद उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया।
मंत्री के साथ मौजूद जीएसटी अधिकारियों ने भी वाहनों के दस्तावेजों की जांच की। पूरी कार्रवाई के बाद खनिज परिवहन और उससे जुड़े कारोबार की निगरानी को लेकर प्रशासनिक सक्रियता सामने आई।
छतरपुर में अवैध खनन के खिलाफ वित्त मंत्री की यह कार्रवाई पहली नहीं है। इससे पहले 12 जून की आधी रात भी ग्रामीणों की शिकायत पर राधाकृष्ण किशोर रेगनियावां और देवबंद पहाड़ क्षेत्र में पहुंचे थे। वहां सरकारी जमीन से बिना वैध कागजात के मोरम-मिट्टी की खुदाई कर दूसरे राज्यों में भेजे जाने की शिकायत की जांच की गई थी।उस दौरान मौके से चार हाइवा/ट्रेलर और एक पोकलेन मशीन जब्त की गई थी। आरोप था कि दूसरे राज्यों में सक्रिय लोग सरकारी जमीन से अवैध तरीके से मिट्टी निकालकर बिहार भेज रहे थे।
अब एक बार फिर आधी रात को सड़क पर उतरकर चार वाहनों को पकड़े जाने से छतरपुर क्षेत्र में अवैध खनन, खनिज परिवहन और कथित तस्करी के नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पकड़े गए वाहनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर होगी।

