कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से गायब हुई अहम फाइल….टाइटल सूट की ‘फाइल-ए’ गायब, पुलिस जांच शुरू
-सेकंड एडिशनल सब-जज की अदालत से 1977 में निष्पादित हुआ था केस, नियमों के खिलाफ सुरक्षित रहने वाली मूल पत्रावली नष्ट करने या गायब करने का आरोप, अज्ञात पर केस
राँची। राँची सिविल कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिविल रिकॉर्ड रूम से करीब 50 साल पुराना एक महत्वपूर्ण केस रिकॉर्ड (टाइटल सूट केस संख्या 14/1973) रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राँची सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार ने कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र लिखकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराया है।रजिस्ट्रार द्वारा जारी पत्र (संख्या 792, दिनांक 10.09.2026) के अनुसार, टाइटल सूट केस संख्या 14/1973 का निष्पादन 13 जुलाई 1977 को द्वितीय अपर अधीनस्थ न्यायाधीश (सेकंड एडिशनल सब-जज) एच. नारायण की अदालत से हुआ था। इसके बाद इस पूरे केस रिकॉर्ड को सिविल रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रखा गया था।
स्थाई तौर पर सुरक्षित रहने वाली ‘फाइल-ए’ ही कर दी गई नष्ट या गायब
रिकॉर्ड रूम के रजिस्टर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस केस के रिकॉर्ड को 4 सितंबर 1999 को नष्ट (डिस्ट्रॉय) दिखाया गया है। हालांकि, झारखण्ड हाईकोर्ट के सिविल कोर्ट नियमों के तहत यह स्थापित कानूनी प्रक्रिया है कि किसी भी दीवानी मामले की अत्यंत महत्वपूर्ण और मुख्य पत्रावली यानी ‘फाइल-ए’ को हमेशा के लिए सुरक्षित (परमानेंट रिकॉर्ड) रखा जाता है, जबकि अन्य सहायक फाइलों को निर्धारित समय सीमा के बाद नष्ट करने का प्रावधान है। हैरानी की बात यह है कि अनिवार्य रूप से संरक्षित रहने वाली मूल ‘फाइल-ए’ भी गायब या नष्ट कर दी गई है। किसी पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने या साक्ष्य मिटाने की नीयत से किए गए इस गैर-कानूनी कृत्य को सिविल कोर्ट प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।

