राजधानी राँची में अपराध के आंकड़ों में सदर थाना टॉप पर, एयरपोर्ट थाना सबसे नीचे
–18 थानों में 8 महीने में 3348 से अधिक एफआईआर; सेंधमारी-चोरी सबसे बड़ा सिरदर्द, रातू और सुखदेवनगर में भी 300 के करीब पहुंचे मामले
राँची।राजधानी राँची में इस साल अपराध के नए पैटर्न और थानों के मुकदमों के आंकड़ों ने पुलिस महकमे के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।जनवरी से लेकर सितंबर के शुरुआती हफ्ते तक राँची के 18 प्रमुख थाना क्षेत्रों में कुल 3,348 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस थानों के आंकड़ों के विश्लेषण से यह साफ हुआ है कि सदर थाना क्षेत्र अपराध के मामले में सबसे संवेदनशील रहा है, जहां सर्वाधिक 420 मामले दर्ज किए गए। वहीं दूसरी ओर, वीआईपी मूवमेंट वाले एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में सबसे कम महज 38 मामले दर्ज हुए हैं, जिससे यह राजधानी का सबसे सुरक्षित इलाका साबित हुआ है।
विविध अपराधों का दबदबा, चोरी-सेंधमारी सबसे आगे
मासिक अपराध के आंकड़ों और ट्रेंड (मंथली क्राइम ट्रेंड्स पाई-चार्ट) का अध्ययन करने पर सामने आया है कि दर्ज होने वाले मामलों में सबसे बड़ा हिस्सा ‘मिसलेनियस’ यानी मारपीट, धोखाधड़ी, विवाद और छिटपुट अपराधों का है, जो कुल मुकदमों का 70 फीसदी से अधिक है।इसके बाद राजधानी में आम नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द चोरी और घरों में सेंधमारी बने हुए हैं।ग्राफ के अनुसार, संगीन अपराधों में अपहरण और दुष्कर्म के मामलों का अनुपात भी दर्ज मुकदमों की सूची में लगातार दर्ज हो रहा है, जो महिला सुरक्षा और विधि-व्यवस्था के लिहाज से चिंता का विषय है।
रातू और सुखदेवनगर में 300 के करीब पहुंचे मामले
अपराध के मामले में सदर थाने के बाद रातू और सुखदेवनगर थाने सबसे आगे रहे हैं।रातू थाना क्षेत्र में जमीन विवाद और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण अबतक 299 मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं सुखदेवनगर थाना (पंडरा ओपी सहित) में 298 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।इसके अलावा जगन्नाथपुर थाना (पुंदाग टीओपी सहित) में 267, नामकुम में 242 और अरगोड़ा थाना में 240 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।धुर्वा (तुपुदाना ओपी सहित) में 232 और डोरंडा थाने में 211 केस दर्ज हुए हैं।
शहरी इलाकों में लालपुर और कोतवाली में भी दर्जनों मामले
शहर के मुख्य व्यापारिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों में शामिल कोतवाली थाने में 196 और लालपुर थाने में 198 प्राथमिकी दर्ज हुई हैं।बरियातू में 179, कांके में 176, लोअर बाजार में 154 तथा चुटिया थाने में 128 केस दर्ज किए गए।गोंदा थाने में मुकदमों की संख्या 112 रही।
ये थाने रहे सबसे शांत: एयरपोर्ट, विधानसभा और हिंदपीढ़ी में कम अपराध
आंकड़ों पर गौर करें तो विशिष्ट और सीमित भौगोलिक क्षेत्र वाले थानों में मुकदमों की संख्या काफी कम रही है।एयरपोर्ट थाने में महज 38 मामले ही दर्ज हुए, जो पूरे जिले में सबसे कम हैं। इसके बाद नए विधानसभा परिसर की सुरक्षा से जुड़े विधानसभा थाने में 69 केस और घनी आबादी वाले हिंदपीढ़ी थाने में केवल 80 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
राजधानी के थानों का पूरा रिपोर्ट कार्ड (जनवरी से सितंबर तक दर्ज केस)
सदर थाना (मेसरा ओपी शामिल): 420 केस
रातू थाना: 299 केस
सुखदेवनगर थाना (पंडरा ओपी शामिल): 298 केस
जगन्नाथपुर थाना (पुंदाग टीओपी शामिल): 267 केस
नामकुम थाना: 242 केस
अरगोड़ा थाना: 240 केस
धुर्वा थाना (तुपुदाना ओपी शामिल): 232 केस
डोरंडा थाना: 211 केस
लालपुर थाना: 198 केस
कोतवाली थाना: 196 केस
बरियातू थाना: 179 केस
कांके थाना: 176 केस
लोअर बाजार थाना: 154 केस
चुटिया थाना: 128 केस
गोंदा थाना: 112 केस
हिंदपीढ़ी थाना: 80 केस
विधानसभा थाना: 69 केस
एयरपोर्ट थाना: 38 केस

