जेल से बेल पर बाहर आया था युवक, पहले मारी गोली, भागा तो पीछा कर फिर दागी गोलियां… हुसैनाबाद में छोटू सिंह की हत्या,इलाके में सनसनी..
पलामू।झारखण्ड के पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पुरंदर बीघा में बुधवार की देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाके में सनसनी फैल गई। बाइक सवार अपराधियों ने ओमप्रकाश सिंह उर्फ छोटू सिंह को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिजन अस्पताल पहुंच गए।बताया जाता है कि ओमप्रकाश सिंह बुधवार रात अपनी गाड़ी रोककर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार अपराधी वहां पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगते ही ओमप्रकाश गाड़ी से उतरकर जान बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए दोबारा गोली मार दी।गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश को स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तत्काल हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई।
हत्या के बाद सड़क पर उतरे लोग, देर रात हुआ हंगामा
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने देर रात हंगामा करते हुए सड़क जाम कर दिया। इससे इलाके में कुछ देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में लोगों ने जाम हटा लिया।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
पलामू एसपी कपिल चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
आपराधिक इतिहास भी खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, मृतक ओमप्रकाश सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। हुसैनाबाद थाना में उसके खिलाफ कुल आठ मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2018 से 2024 के बीच उसके खिलाफ मारपीट, रंगदारी, धोखाधड़ी, उत्पाद अधिनियम, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज हुए थे।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2018 में दर्ज मामलों में एक मामले में हत्या के प्रयास, रंगदारी और आर्म्स एक्ट की धाराएं शामिल थीं। वहीं एक अन्य मामले में मारपीट, छेड़छाड़, चोरी और अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।इसके अलावा वर्ष 2019 में आर्म्स एक्ट, वर्ष 2020 में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं, वर्ष 2021 में मारपीट, चोरी और एससी-एसटी एक्ट तथा वर्ष 2024 में पुलिस के काम में बाधा डालने और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले दर्ज होने की बात पुलिस रिकॉर्ड में सामने आती है।
बाइक सवार हमलावर कौन थे? जांच में जुटी पुलिस
हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ओमप्रकाश सिंह की हत्या किसने और क्यों की? जिस तरीके से बाइक सवार अपराधियों ने पहले गोली मारी और फिर भागने के दौरान दोबारा निशाना बनाया, उससे पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, आपराधिक विवाद या किसी अन्य वजह की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और अपराधियों तक पहुंचने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना स्थल से लेकर अस्पताल तक पुलिस की गतिविधियां तेज हैं। जिस इलाके में वारदात हुई है, वहां से हुसैनाबाद विधायक का आवास भी नजदीक बताया जा रहा है। ऐसे में हाई-प्रोफाइल इलाके में हुई इस हत्या ने पुलिस की चुनौती भी बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस को मिली अहम जानकारियों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।वहीं,पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

