कमरे में अचेत मिले DSP प्रमोद कुमार सिंह, हृदय गति रुकने से निधन….पुलिस महकमे में शोक की लहर
जामताड़ा। श्रावणी मेला ड्यूटी के बीच झारखण्ड पुलिस को गहरा आघात लगा है। पुलिस उपाधीक्षक (DSP) प्रमोद कुमार सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हृदय गति रुकने से उनकी मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
प्रमोद कुमार सिंह आईआरबी-1, जामताड़ा में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर पदस्थापित थे। श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनकी प्रतिनियुक्ति रेल धनबाद अंतर्गत जामताड़ा क्षेत्र में की गई थी। इसी ड्यूटी के दौरान देर शाम वह अपने कमरे में अचेत अवस्था में पाए गए।
सहकर्मियों के मुताबिक, कमरे में अचेत मिलने के बाद तत्काल उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह हृदय गति रुकना बताई जा रही है। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
श्रावणी मेला के दौरान जामताड़ा समेत विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों और जवानों की अलग-अलग स्थानों पर तैनाती की गई है। इसी जिम्मेदारी के तहत डीएसपी प्रमोद कुमार सिंह भी ड्यूटी पर तैनात थे। ड्यूटी के बीच उनके अचानक निधन की खबर से पुलिस अधिकारी और जवान स्तब्ध हैं।
प्रमोद कुमार सिंह वर्ष 1994 बैच के दरोगा के रूप में पुलिस सेवा में आए थे। लंबी पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने दरोगा से इंस्पेक्टर और फिर पुलिस उपाधीक्षक तक का सफर तय किया। उनके आकस्मिक निधन को सहकर्मी पुलिस विभाग के लिए बड़ी और अपूरणीय क्षति बता रहे हैं।
घटना की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और उनके परिजनों को दे दी गई है। पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रमोद कुमार सिंह के निधन से उनके सहकर्मियों और पुलिस महकमे में गम का माहौल है।

