छात्रों पर कार्रवाई से भड़के बाबूलाल, सीओ कार्यालय पहुंचकर दी चेतावनी- दोषियों पर FIR नहीं तो धरना

 

राँची। JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। छात्रों के समर्थन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मंगलवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राँची सदर अंचलाधिकारी सह दंडाधिकारी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए संबंधित लोगों पर भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को किसी सरकार के दबाव में काम करने के बजाय कानून और विधि सम्मत कार्रवाई करनी चाहिए। उनका आरोप था कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और हंगामा करने वाले लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया।उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। इन वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण कार्यक्रम में बाधा डालने और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने में प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं दिखाई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि घटना के दौरान जिन लोगों ने कानून हाथ में लिया, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित लोगों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो भाजपा कार्यकर्ता और नेता सीओ कार्यालय के समक्ष धरना देंगे।
बाबूलाल ने कहा कि उन्होंने सोमवार को ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि छात्रों के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को संबंधित मजिस्ट्रेट के कार्यालय पहुंचकर जवाब मांगा जाएगा। इसी के तहत वे आज अधिकारियों से मिलने पहुंचे हैं।
उन्होंने राज्य सरकार पर प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों को सरकार की कठपुतली बनकर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई साक्ष्यों और कानून के आधार पर होनी चाहिए।इस दौरान पूर्व सांसद दीपक प्रकाश, विधायक सीपी सिंह,सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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