कोयला कारोबारियों पर ईडी का शिकंजा तेज, एलबी सिंह की पत्नी समेत पांच को समन

राँची/धनबाद। झारखण्ड में कोयला कारोबार से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच तेज कर दी है। धनबाद के चर्चित कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह समेत कुल पांच लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इन सभी को राँची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होकर अपने पक्ष रखने तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
ईडी की कार्रवाई का दायरा एलबी सिंह और कोयला कारोबारी अनिल गोयल से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। समन पाने वालों में एलबी सिंह के परिवार से जुड़े तीन लोग तथा अनिल गोयल से जुड़े दो सहयोगी शामिल हैं। एजेंसी इन लोगों से कारोबार, निवेश और कथित वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी हासिल करना चाहती है।
ईडी ने एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह को 20 अगस्त को राँची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान एजेंसी उनसे परिवार से जुड़े वित्तीय लेन-देन, संपत्ति और निवेश से संबंधित जानकारी मांग सकती है।इसी क्रम में एलबी सिंह के भाई विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त को ईडी के समक्ष हाजिर होने को कहा गया है। वहीं, एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
ईडी की कार्रवाई केवल एलबी सिंह के परिवार तक सीमित नहीं है। कोयला कारोबारी अनिल गोयल से जुड़े दो लोगों—शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह—को भी पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। दोनों को अगले सप्ताह राँची स्थित ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।एजेंसी इनसे कारोबारी गतिविधियों, वित्तीय लेन-देन और कोयला कारोबार से जुड़े संभावित आर्थिक नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर सकती है।
28 जुलाई को हुई थी दूसरे दौर की छापेमारी
गौरतलब है कि ईडी ने 28 जुलाई को धनबाद के कोयला कारोबारियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर दूसरे दौर की छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दायरे में मुख्य रूप से एलबी सिंह, अनिल गोयल और उनसे जुड़े नेटवर्क के लोगों के ठिकाने शामिल बताए गए थे।छापेमारी के दौरान एजेंसी को कथित तौर पर बड़ी रकम के निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य मिले थे। जांच के दौरान करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े सबूत मिलने की बात सामने आई है। अब इन्हीं वित्तीय कड़ियों को जोड़ने के लिए ईडी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है।
वित्तीय लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही एजेंसी
ईडी की जांच का प्रमुख फोकस कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े वित्तीय लेन-देन और निवेश की कड़ियों को समझना है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कोयला कारोबार से अर्जित कथित रकम का इस्तेमाल किन माध्यमों से किया गया और अलग-अलग व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के बीच धन का लेन-देन किस प्रकार हुआ।समन के बाद पूछताछ के दौरान संबंधित लोगों से उनके बैंक खातों, संपत्तियों, निवेश और कारोबारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी जा सकती है।
मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ईडी की कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है। बरामद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के आधार पर एजेंसी अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। फिलहाल पांच लोगों को जारी किए गए समन को धनबाद के कोयला कारोबार से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

